वास्तुशास्त्र के मुताबिक आपके काम करने की जगह कैसी है और उसकी बनावट किस प्रकार है, इसका सीधा असर आपकी कामयाबी पर पड़ता है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आप अपने कारोबार के लिए जिस जगह पर काम करते हैं उसकी रूप-रेखा कैसी है. वास्तुशास्त्र के मुताबिक दक्षिण या पश्चिम दिशा की तरफ वाली जगहें खाने-पीने के काम के लिए अच्छी होती हैं.
दक्षिण-पूर्व की तरफ वाली जगहें महिला वस्त्रों से संबंधित कार्यों के लिए अच्छी होती हैं. यदि हम कोई ऐसा कार्य कर रहे हैं जो मनोरंजन से संबंधित है, तो उसके लिए उत्तर-पूर्व स्थान फलदाई होता है.
व्यापार करने की जगह में आपके बैठने का स्थान दक्षिण-पश्चिम की तरफ हो तो अच्छा है. यहां किसी भी तरह का कोई असंतुलन दिक्कत दे सकता है.
आप जिस भी वस्तु का व्यापार कर रहे हैं, वह दक्षिण-पश्चिम के मध्य न पड़ी हुई हो, इसका ख्याल रखना चाहिए. कार्यक्षेत्र की जगह में उत्तर-पश्चिम वाले स्थान में तैयार माल रखें. यहां उत्तर से लेकर पूर्व दिशा तक का दिशा क्षेत्र पूर्ण रूप से साफ रखें, अन्यथा यह आपके व्यापार में परेशानी खड़ी कर सकता है और मानसिक तनाव का कारण भी बन सकता है.
काम की जगह पर पूजा का स्थान उत्तर-पूर्व में हो तो अच्छा है. इसी तरफ आपसे मिलने वालों के लिए भी स्थान बन सकता है. यहां पर हल्के रंगों का होना अच्छा होता है. खासतौर पर अपने केबिन में तो रंग हल्के ही रखें, जो आंखों को न चुभें.