मनुष्य के जीवन में ग्रहों की चाल का बहुत महत्व होता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जीवन में अच्छी या बुरी घटनाओं का जिम्मेदार ग्रहों को माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ ग्रह ही नहीं बल्कि मनुष्य के कर्म भी इन अच्छी-बुरी घटनाओं के लिए जिम्मेदार होते हैं. माना जाता है कि व्यक्ति के कर्मों के अनुसार ही उसे फल मिलता है. इतना ही नहीं कर्मों से भाग्य बन सकता है और बिगड़ भी सकता है. ज्योतिष शास्त्र में कई ऐसी चीजें हैं जिनका संबंध भाग्य से होता है. तो आइए जानते हैं पंडित शैलेंद्र पांडेय से वो कौन सी चीजें हैं जो व्यक्ति के भाग्य को बिगाड़ सकती हैं.
संगति बिगाड़ सकती है भाग्य:
पंडित शैलेंद्र पांडेय बताते हैं कि संगति एक ऐसी चीज है जो भाग्य को संवार भी सकती है और बिगाड़ भी सकती है. संगति अच्छी होने पर आप गुणवान हो सकते हैं और यदि संगति बुरी है तो आपके अंदर नकारात्मक विचार उत्पन्न होंगे जो व्यक्ति को गलत रास्ते पर भी लेजा सकते हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, व्यक्ति का भाग्य केवल उसपर निर्भर नहीं करता बल्कि उसके जीवन में रहने वाले लोगों का भी असर उसके भाग्य पर पड़ता है. चाहें फिर वो मित्र हों, प्रेम-प्रेमिका या फिर सहयोगी, सभी का आपके भाग्य पर असर पड़ता है.
किसी भी व्यक्ति के भाग्य पर सबसे ज्यादा असर उसके पति या पत्नि का होता है क्योंकि ये एक-दूसरे से जुड़े हुए माने जाते हैं. व्यक्ति को अपनी संगति का बहुत ध्यान रखना चाहिए. गलत संगति के असर से भाग्य उल्टा हो सकता है. अगर किसी कारणवश बुरी संगति के कारण भाग्य खराब हो रहा है तो नियमित विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें. इसके साथ-साथ अपने आहार और विचारों को सात्विक रखें. ऐसा करना फायदेमंद साबित होगा.
नकारात्मक सोच बिगाड़ सकती है भाग्य:
पंडित जी के अनुसार, भाग्य को बिगाड़ने वाली दूसरी चीज है नकारात्मक विचार. व्यक्ति जैसी सोच रखता है उसी तरह की तरंगें उसे प्रकृति से मिलती रहती हैं. अगर आप नकारात्मक सोच रखेंगे तो हर तरफ से आपको नकारात्मक चीजें ही मिलेंगी. आपको नकारात्मक लोगों का साथ मिलेगा और जीवन नेगेटिविटी से भर जाएगा. इस कारण जीवन में सबकुछ ठीक होने के बावजूद आपके काम बिगड़ने शुरू हो जाएंगे और असफलता ही मिलेगी. इसलिए हमेशा अपने विचारों को पॉजिटिव रखें ताकि प्रकृति से आपको पॉजिटिव विचार ही प्राप्त हों.
नकारात्मक विचारों से दूर रहने के लिए नियमित सूर्य को जल अर्पित करें. महीने में आने वाली दोनों एकादशी का उपवास रखें. नकारात्मक विचारों को रोकने के लिए एक पन्ना या पुखराज धारण कर सकते हैं.
धोखा देना बिगाड़ सकता है भाग्य:
ज्यातिष शास्त्र के अनुसार, व्यक्ति के भाग्य को बिगाड़ने में तीसरी समस्या है धोखा देना. किसी को धोखा देना या विश्वास तोड़ना आपको बुरी तरह से नुकसान पहुंचा सकता है. अगर व्यक्ति अपने स्वार्थ के लिए किसी को धोखा देता है तो निश्चित ही उसे इसके बुरे परिणाम भुगतने पड़ते हैं. किसी का अधिकार छीनना, किसी को बिना कारण नुकसान पहुंचाना भी इसके अंदर आता है.
जब कुंडली में राहु या बुध का प्रभाव ज्यादा होता है तब लोग अपने छोटे से स्वार्थ के लिए दूसरों को धोखा देते हैं. ऐसे में शनि, बृहस्पति या शुक्र की दशा आने पर व्यक्ति का बुरा समय शुरू हो जाता है. कहा जाता है कि साढ़ेसाति लोगों को बुरे परिणाम देती है पर सत्य यह है कि साढ़े साति व्यक्ति के कर्मों के अनुसार उन्हें फल देती है. एक व्यक्ति जितना दूसरे को धोखा देता है उससे ज्यादा का आर्थिक नुकसान उसे खुद को झेलना पड़ता है. साथ ही कभी-कभी मानसिक रोगों की समस्या भी हो सकती है. धोखे का प्रायश्चित करने के लिए नित्य प्रात: गजेंद्र मोक्ष का पाठ करें. पीपल या बरगद के पौधे लगवाएं. हर शनिवार किसी गरीब व्यक्ति को भोजन करवाएं.