आचार्य चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में व्यक्ति के जीवन से जुड़े तमाम पहलुओं पर गहनता से प्रकाश डाला है. साथ ही चाणक्य ने कई ऐसे सवालों के जवाब दिए हैं, जो दैनिक जीवन से संबंधित हैं. चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में व्यक्ति से संबंधिक एक ऐसी बात का जिक्र किया है, जिसे काफी जतन के बावजूद हासिल नहीं किया जा सकता.
चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में बताया है कि बुद्धि एक ऐसी चीज है, जिसे धन के बल पर नहीं खरीदा जा सकता. हालांकि, बुद्धि के बल पर धन अर्जित किया जा सकता है. इसका मतलब यह है कि कोई भी व्यक्ति अपनी बुद्धि और ज्ञान के माध्यम से धन कमा सकता है, लेकिन अगर व्यक्ति के पास बुद्धि और ज्ञान की कमी है तो धन से उसे खरीदा नहीं जा सकता.
चाणक्य के अनुसार कोई भी व्यक्ति अपनी बुद्धि का सही इस्तेमाल करके सफल जीवन व्यतीत कर सकता है. बुद्धि के धनी व्यक्ति के हाथ सफलता अवश्य लगती है. चाणक्य कहते हैं कि बुद्धि और विवेक के कारण व्यक्ति को समाज में मान-सम्मान भी मिलता है.
चाणक्य के मुताबिक यदि किसी बुद्धिमान व्यक्ति के पास धन की कमी है तो वो अपनी बुद्धि के बल पर धन में इजाफा कर सकता है. लेकिन बुद्धि खरीदना असंभव है.
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