साल 2024 का दूसरा चंद्र ग्रहण कुछ ही देर में समाप्त हो जाएगा. पितृ पक्ष में लगने वाला यह ग्रहण साल का आखिरी चंद्र ग्रहण है. भारतीय समय के अनुसार, मीन राशि में लगने जा रहा यह उपछाया चंद्र ग्रहण 18 सितंबर की सुबह 6:12 मिनट पर शुरू हो चुका है. वहीं, इसका समापन सुबह 10:17 मिनट पर होगा. ग्रहण की कुल अवधि करीब 5 घंटे 04 मिनट है. हालांकि, भारत में यह ग्रहण नहीं नजर आ रहा है और इसी कारण 9 घंटे पहले लगने वाला सूतक काल भी मान्य नहीं होगा.
वास्तु शास्त्र के अनुसार, जब ग्रहण पूरा हो जाए तो मंदिर वाले स्थान की अच्छी तरह से साफ-सफाई करनी चाहिए. इसके साथ ही गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए. ऐसा करना अच्छा होता है. ग्रहण का असर नहीं पड़ता है.
मंदिर की साफ-सफाई के बाद भगवान के पुराने वस्त्रों को बदलकर नए वस्त्र पहना दें. मंदिरों की सजावट में भी बदलाव कर लें. भगवान के जो पुराने वस्त्र हैं, उन्हें नदी में प्रवाहित कर देना चाहिए. दूसरी ओर, भगवान ने जो वस्त्र धारण किए, उनका रंग लाल अथवा पीला ही होना चाहिए.
अगर आप चंद्र ग्रहण के बाद इस वास्तु उपाय को करते हैं तो धन की देवी मां लक्ष्मी की असीम कृपा आपके ऊपर पड़ती है. घर में कभी आर्थिक परेशानियां नहीं आती हैं. घर की खुशहाली हमेशा बनी रहती है. घर में सुख-शांति रहती है.
ग्रहण के दौरान न करें ये काम
चंद्र ग्रहण के दौरान कुछ चीजों को नहीं करना चाहिए. ग्रहण के दौरान क्रोध नहीं करना चाहिए. इस दौरान क्रोध करने से अगले 15 दिन आपके लिए खतरनाक हो सकते हैं. वहीं चंद्र ग्रहण के दौरान भोजन करने से भी बचें या भोजन को बनाते समय उसमें पवित्र तुलसी के पत्ती डाल दें. वहीं चंद्र ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ भी नहीं करनी चाहिए.
ग्रहण के दौरान सुनसान जगहों या श्मशान के आसपास भी कभी नहीं जाएं. ग्रहण के दौरान ऐसी जगहों पर नकारात्मक शक्तियां प्रभावी रहती हैं. ग्रहण के दौरान किसी नए कार्य की भी शुरुआत नहीं करनी चाहिए. ऐसा करना नुकसानदायक हो सकता है.