Chandra Grahan Date, Time in India: इस साल पितृ पक्ष पर चंद्र ग्रहण की छाया है. दरअसल, साल का दूसरा चंद्र ग्रहण, पितृ पक्ष में लगने वाला है. यह चंद्र ग्रहण मीन राशि में लगेगा. इस चंद्र ग्रहण की सही तारीख को लेकर लोगों के मन में संशय बना हुआ है. चलिए हम आपको बताते हैं कि चंद्र ग्रहण 17 सितंबर को लगेगा या 18 को. इसके साथ ही जानिए चंद्र ग्रहण में किन चीजों का पालन जरूरी है.
17 या 18 सितंबर, कब है उपछाया चंद्र ग्रहण? (CHANDRA GRAHAN KAB HAI)
पितृ पक्ष में लगने वाला यह चंद्र ग्रहण आधिकारिक तौर पर बुधवार, 18 सितंबर को होगा. यह ग्रहण ज्यादातर दूसरे देशों में नजर आएगा. इसी वजह से भारतीय लोग संशय में हैं. दरअसल, विदेशी समय अनुसार, यह ग्रहण वहां 17 सितंबर की रात को दिखेगा. हालांकि, भारतीय समय अनुसार, यह 18 सितंबर को सुबह लगेगा.
चंद्र ग्रहण कब से कब तक? (CHANDRA GRAHAN TIMING IN INDIA)
18 सितंबर को लगने वाला यह चंद्र ग्रहण सुबह 6:12 मिनट पर प्रारंभ होगा. चंद्र ग्रहण का समापन दोपहर 10:17 मिनट पर होगा. चंद्र ग्रहण की कुल अवधि करीब 5 घंटे 04 मिनट की होगी.
भारत में दिखेगा चंद्र ग्रहण? (CHANDRA GRAHAN SEPTEMBER VISIBILITY IN INDIA)
पितृ पक्ष में लगने वाला यह उपछाया चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. यह उपछाया चंद्र ग्रहण दुनिया भर के 5 महाद्वीपों में दिखाई देगा, जिसमें यूरोप, अफ्रीका, उत्तर और दक्षिण अमेरिका और एशिया के कुछ हिस्से शामिल हैं.
सूतक नियमों का पालन करना होगा या नहीं? (CHANDRA GRAHAN SUTAK TIMING IN INDIA)
ये चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. ऐसे में साफ है जब ग्रहण भारत में दिखेगा ही नहीं तो सूतक भी नहीं लगेगा. लोगों को सूतक काल के नियमों का पालन करने की कोई आवश्यकता नहीं है. अगर यह ग्रहण भारत में दिखाई देता तो सूतक काल के नियमों का पालन किया जाता.
किन राशियों की बंद किस्मत का खुलेगा दरवाजा?
इस उपछाया चंद्र ग्रहण का प्रभाव यूं तो सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन यह कुछ राशियों की बंद किस्मत का दरवाजा खोल देगा और उन्हें धनलाभ होगा. चंद्र ग्रहण वृषभ, तुला और धनु राशि वालों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा. इन राशियों के जातकों की धन की स्थिति भी बेहतर होगी.
कब लगता है चंद्रमा को ग्रहण?
चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, जिससे चंद्रमा पर धरती की छाया पड़ती है. पृथ्वी जिस तरह से सूर्य और चंद्रमा के बीच आती है उसके आधार पर, चंद्रमा को ग्रहण आंशिक लगेगा या पूर्ण लगेगा, यह तय होता है. आंशिक ग्रहण के दौरान, चंद्रमा का केवल एक हिस्सा पृथ्वी की छाया से ढका होता है. इसके परिणाम स्वरूप चंद्रमा लाल रंग का हो सकता है. NASA के अनुसार, आंशिक चंद्र ग्रहण के दौरान, पृथ्वी की छाया बढ़ती है और फिर चंद्रमा को पूरी तरह से ढके बिना ही पीछे हट जाती है. 2024 का यह दूसरा चंद्र ग्रहण आंशिक होगा.