Chardham Yatra 2024: केदारनाथ और बदरीनाथ धाम श्रद्धालुओं की आवाजाही से आने वाले दिनों में गुलजार होने वाला है. 10 मई से चार धाम यात्रा के शुभारंभ के साथ ही केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुलने वाले हैं. इन पवित्र धामों के कपाट अक्षय तृतीया की शुभ घड़ी में खोले जाएंगे. तो वहीं 12 मई से बदरीनाथ का दरबार भी बदरी-विशाल के जयकारों से गूंजने वाला है. ऐसे में मंदिर समिति पवित्र स्थलों को सजाने-संवारने में जुटी है. दूसरी व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए रोजाना प्रशासनिक टीमें भी धाम पहुंच रही हैं.
इन धामों की यात्रा शुरू होने से पहले इनकी बुकिंग का आंकड़ा नए रिकॉर्ड बना रहा है. 15 अप्रैल से शुरू हुआ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अब जून महीने के लिए उपलब्ध है, क्योंकि मई महीना शुरू होते-होते ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा 21 लाख के पार चला गया है. इसी वजह से मई में बुकिंग फुल हो चुकी हैं. इस बार केदारनाथ यात्रा के लिए 7 लाख 41 हजार से ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है. जबकि बद्रीनाथ के लिए 7 लाख 38 हजार से ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है. वहीं, गंगोत्री और यमुनोत्री के लिए क्रमश: 38 लाख और 33 लाख से ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है.
वहीं बगैर पंजीकरण के यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आठ मई से हरिद्वार और ऋषिकेश में ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा शुरू हो गई है. उम्मीद की जा रही है कि ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन से भी तीर्थयात्रियों की संख्या में इजाफा होगा.
केदारनाथ का महत्व
केदारनाथ उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग जिले में भगवान शिव का एक पवित्र धाम है. हर साल यहां लाखों की संख्या में लोग दर्शन के लिए आते हैं. केदारनाथ की गणना भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंग और पंच केदार में भी की जाती है. केदारनाथ मंदिर में स्थापित शिवलिंग स्वयंभू है. इस वजह से मंदिर का महत्व अधिक बढ़ जाता है.
बदरीनाथ का महत्व
बद्रीनाथ चार धाम में से एक प्रमुख धाम माना जाता है. ये हिमालय की पर्वत श्रेणी में अलकनंदा नदी के तट पर स्थित है. यह मुख्य रूप से भगवान विष्णु का मंदिर है. यहां पर नर और नारायण की उपासना की जाती है. ये मंदिर तीन भागों में विभाजित है- गर्भगृह, दर्शनमण्डप और सभामंडप. बद्रीनाथ मंदिर परिसर में 15 मूर्तियां हैं, इनमें सब से प्रमुख भगवान विष्णु की मूर्ति है.