Eid-ul-Fitr 2025: ईद-उल-फितर इस्लाम धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे रमजान के पवित्र महीने के समापन के बाद मनाया जाता है. यह त्योहार आपसी भाईचारे, दान और खुशियों का प्रतीक है. यह त्योहार रमजान के पूरे महीने रोजा रखने के बाद आता है, जो संयम, इबादत और आत्मशुद्धि का महीना होता है. इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, रमजान के बाद शव्वाल की पहली तारीख को ईद-उल-फितर मनाई जाती है. इस विशेष त्योहार की शुरुआत सुबह की नमाज से की जाती है, जिसमें हजारों लोग एक साथ अल्लाह से दुआ मांगते हैं.
इस बार रमजान की शुरुआत 2 मार्च 2025 से हुई थी और 30 मार्च यानी कल पूरे देश में ईद का दिखा इसलिए ईद-उल-फितर 31 मार्च यानी आज मनाई जा रही है. इस दिन लोग एक-दूसरे को 'ईद मुबारक' कहकर बधाई देते हैं और गले मिलते हैं. साथ ही, ईद-उल-फितर को मीठी ईद भी कहा जाता है क्योंकि इस दिन सेवइयां और अन्य मीठे व्यंजन भी बनाए जाते हैं.
ईद-उल-फितर का महत्व (Eid-ul-Fitr Significance)
इस्लामिक मान्यता के अनुसार, रमजान के महीने में ही पहली बार हजरत मुहम्मद साहब को पवित्र कुरान का ज्ञान प्राप्त हुआ था. इस्लाम के इतिहास में बद्र की लड़ाई को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसमें पैगंबर मोहम्मद और उनके अनुयायियों ने विजय प्राप्त की थी. इसी खुशी में ईद-उल-फितर का आयोजन किया गया. पैगंबर मुहम्मद के मदीना आगमन के बाद इस्लामिक समुदाय ने पहली बार ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया.
इसी दिन को मीठी ईदी या ईद-उल-फितर के रूप में मनाया जाता है. इस दिन मीठे पकवान जैसे कि सेंवई, मिठाई जैसे पकवान बनते हैं. मीठी सेंवई घर आए मेहमानों को खिलाई जाती है. दोस्तों और रिश्तेदारों में ईदी बांटी जाती है. लोग एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद देते हैं. ईद उल फितर को दान का पर्व भी कहा जाता है.
क्यों मनाया जाता है ईद-उल-फितर का त्योहार
इस्लाम धर्म के अनुयायियों का मानना है कि रमजान के पवित्र महीने में जो लोग सच्चे दिल से रोज़ा रखते हैं, उन पर अल्लाह की रहमत बरसती है. वे इस विशेष अवसर और उपवास रखने की शक्ति प्रदान करने के लिए अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं. इस दिन की शुरुआत सुबह की विशेष नमाज से होती है, जिसके बाद लोग अपने परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों को ईद की मुबारकबाद देते हैं. अल्लाह की इस अनमोल नेमत को ईद-उल-फितर के रूप में जाना जाता है. न केवल भारत बल्कि दुनिया भर में यह त्योहार हर्षोल्लास और उमंग के साथ मनाया जाता है.