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Holi Bhai Dooj 2023: होली भाई दूज आज...जानें तिलक करने का शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व

Holi Bhai Dooj 2023: होली की भाई दूज घुलेंडी के अगले दिन मनाई जाती है. जो भाई इस दिन बहन के घर पर जाकर भोजन ग्रहण करता है और तिलक करवाता है, उसकी अकाल मृत्यु नहीं होती. इस बार होली भाई दूज आज यानी 9 मार्च 2023 को है.

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(Credit: Getty Images)
(Credit: Getty Images)

Holi Bhai Dooj 2023: चैत्र मास, कृष्ण पक्ष की द्वितीया को भी देश के कुछ हिस्सों में भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है. इसे कुछ हिस्सों में भ्रातृ द्वितीया भी कहते हैं. यह पर्व धुलेंडी के ठीक अगले दिन मनाने की परंपरा है. इस दिन बहनें अपने भाई का तिलक करती हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं. माना जाता है कि जो भाई इस दिन बहन के घर जाकर भोजन ग्रहण करता है और तिलक करवाता है, उसकी अकाल मृत्यु नहीं होती. इस बार होली भाई दूज का त्योहार आज यानी 9 मार्च 2023 को मनाया जा रहा है. इस दिन बहनें भाई को टीका लगाती हैं और भाई उन्हें रक्षा का वचन देता है. आज होली पर बहनें किस मुहूर्त में टीका लगाएं यह भी जान लीजिए.

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होली भाई दूज का शुभ मुहूर्त

चैत्र माह की द्वितीया तिथि 8 मार्च 2023 को शाम 07 बजकर 42 मिनट से शुरू हो चुकी है जो आज यानी 9 मार्च 2023 को रात 8 बजकर 54 मिनट तक रहेगी. 9 मार्च को राहूकाल दोपहर 2 बजे से 3.29 मिनिट तक रहेगी. ज्योतिर्विदों के मुताबिक, द्वितीया तिथि पर राहु काल को छोड़कर किसी मुहूर्त में बहनें अपने भाई को तिलक लगा सकती हैं.

कैसे मनाएं भाई दूज का त्योहार?

बताया जाता है कि आज के दिन भाई सुबह उठकर चन्द्रमा का दर्शन करें और उसके बाद किसी नदी के जल से स्नान करें. अगर संभव ना हो तो ताजे पानी से स्नान करें. उसके बाद राहूकाल को छोड़कर कभी भी अपनी बहन के घर जाएं और वहां बहन के हाथों से बना हुआ भोजन ग्रहण करें. बहनें भाई को भोजन कराएं, उनका तिलक करके आरती करें. उसके बाद भाई यथाशक्ति अपनी बहन को उपहार दें.

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कैसे करें भाई का तिलक?

शुद्ध केसर की कम से कम 27 पत्तियां लें और उसमें शुद्ध लाल चंदन और गंगाजल मिलाएं. साफ चांदी की कटोरी या पीतल की कटोरी में यह तिलक तैयार करें. अपने भाई को तिलक करने से पहले यह कटोरी भगवान विष्णु के श्री चरणों में रखें. ॐ नमो नारायणाय मंत्र का 27 बार जाप करें. अब यह तिलक सबसे पहले भगवान गणपति और विष्णु जी को करें. इसके बाद यह तिलक अपने भाई को उत्तर पूर्व दिशा की ओर मुंह करके तिलक करें. अब बहन अपने भाई को मिष्ठान खिलाए तथा भाई भी अपनी बहन का मुंह मीठा करें. ऐसा करने से भाई-बहन का स्नेह हमेशा के लिए बना रहेगा.

 

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