पैगंबर मोहम्मद साहब को लेकर इस्लाम में कई तरह की कहानियां प्रचालित हैं. इनमें कई कहानियां ऐसी हैं, जो इस्लाम से जुड़ी पुरानी दीन की किताबों में या बुजुर्ग जानकारों से अक्सर सुनने को मिल जाती हैं. ऐसी ही एक कहानी एक बुजुर्ग महिला की भी है. उनके धर्म के बारे में ज्यादा जानकारी तो नहीं है लेकिन कहा जाता है कि वह मोहम्मद साहब से काफी नफरत करती थी. लेकिन एक दिन कुछ ऐसा हुआ कि उन्होंने इस्लाम कबूल कर लिया.
इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, पैगंबर मोहम्मद को आसमान से (अल्लाह की ओर से) संदेश मिला था और वे अध्यात्म राह पर मुड़कर इस्लाम का प्रचार करने में जुट गए. कम समय में ही शांत स्वभाव और अच्छे व्यवहार वाले पैगंबर मोहम्मद ( जिन्हें आखिरी नबी भी कहा गया है ) काफी मशहूर हो गए, जो लोग नए पंथ को लेकर उनका समर्थन करते थे, वो उनसे जुड़ते गए तो वहीं जो दूसरे पंथों को मानते थे, वो उनसे चिढ़ते भी इतना ही ज्यादा थे. इन्हीं लोगों में शामिल एक बुजुर्ग महिला भी थीं, जो पैगंबर मोहम्मद से मन ही मन नफरत करने लगी थीं.
रोज फेंकती थीं कूड़ा
इस्लाम से जुड़ी कहानियों में बताया जाता है कि उस बुजुर्ग महिला का घर, एक ऐसे इलाके में था, जहां से रोज पैगंबर मोहम्मद का भी गुजरना होता था. बुजुर्ग महिला को पैगंबर मोहम्मद से इतनी ज्यादा नफरत थी कि जब भी वे उसके घर के पास से गुजरते, रोज उनके ऊपर कूड़ा फेंक दिया जाता.
हालांकि, पैगंबर इस बात का बिल्कुल भी बुरा नहीं मानते और कूड़ा अपने ऊपर पड़ने के बावजूद सीधा आगे बढ़ जाते. इस्लामिक जानकारों की मानें तो कभी पैगंबर ने इस बात की शिकायत या कोई सवाल भी उस बुजुर्ग महिला से नहीं किया और ना ही उन्होंने अपना रास्ता बदला.
अचानक कूड़ा फेंकना किया बंद
हालांकि, बुजुर्ग महिला के मन में नफरत इतनी ज्यादा थी कि वह रोज इस काम को करती और मन से खुश हो जाती है. दिन ऐसे ही बीत रहे थे कि अचानक उस बुजुर्ग महिला की ओर से कूड़ा फेंकना बंद हो गया.
कुछ दिन तक जब बुजुर्ग महिला ने पैगंबर के ऊपर कूड़ा नहीं फेंका तो पैगंबर को महिला की चिंता सताने लगी. पैगंबर ने कूड़ा फेंकने वाली बुजुर्ग महिला के बारे में जानने की कोशिश की और उसके घर चले गए.
हालचाल लेने पहुंचे पैगंबर
इस्लामिक जानकार बताते हैं कि जब वे बुजुर्ग महिला के घर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि वह काफी ज्यादा बीमार हैं. पैगंबर ने महिला से कहा कि आप कूड़ा नहीं फेंक रही थी तो आपका हालचाल जानने के लिए आ गया.
पैगंबर की यह बात सुनकर बुजुर्ग महिला रोने लगी और उसी समय अपनी गलतियों की माफी मांग ली. इस्लामिक जानकार तो ये भी कहते हैं कि इस घटना के बाद से बुजुर्ग महिला पैगंबर से इतनी ज्यादा प्रभावित हुईं कि उन्होंने इस्लाम कबूल करने का फैसला कर लिया और मुसलमान बन गईं.
हालांकि, इस बारे में इस्लाम से जुड़ी किताबों और कहानियों में लोगों के हिसाब से अलग-अलग तरह से चीजों को बताया गया है, लेकिन मुख्य बात हजरत पैगंबर का अच्छा व्यवहार है, जो दुश्मन का दिल भी बिना कुछ कहे या किए ही जीत लेने में सक्षम था.