रमजान का महीना इस्लाम धर्म के लोगों के लिए बहुत पाक माना जाता है. एस्ट्रोनॉमिकल कैल्कुलेशन के हिसाब से रमजान इस बार 2 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है. हालांकि इसकी सही तारीख चांद दिखने पर निर्भर करती है. रमजान इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीना होता है जिसमें रोज़े रखने की प्रथा होती है. ऐसी मान्यताएं हैं कि रमजान के पाक महीने में ही पैगंबर मुहम्मद ने इस्लाम की पवित्र किताब कुरान का अनावरण किया था.
रमजान में रोज़े रखने के बाद इस्लाम धर्म के लोग सूर्यास्त से लेकर सूर्योदय तक उपवास रखते हैं. इस अवधि में खाने-पीने पर सख्त पाबंदी होती है. लोग कई-कई घंटों तक भूखे-प्यासे रहकर रोज़ा पूरा करते हैं. हालांकि भौगौलिक विविधता के चलते रोज़े की अवधि पूरी दुनिया में अलग होती है. यह अवधि 11 से लेकर 20 घंटे तक भी हो सकती है. आइसलैंड में रहने वाले मुस्लिमों के रोज़े की अवधि 16-17 घंटे की हो सकती है.
इस तरह भारत, पाकिस्तान, सऊदी अरब, यूएई, कतर और मिडिल-ईस्ट के ज्यादातर देशों में रहने वाले मुसलमान हर रोज 14 से 15 घंटे का रोज़ा रखते हैं. जबकि न्यूजीलैंड, अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका में सबसे कम अवधि (11-12) का रोज़ा हो सकता है. आइए इसी कड़ी में आपको बताते हैं कि किन देशों में रोज़े की अवधि सबसे लंबी या सबसे छोटी होगी.
इन देशों में रखा जाएगा सबसे लंबा रोज़ा
आइसलैंड समेत ग्रीनलैंड, फ्रांस, पोलैंड और इंग्लैंड में रहने वाले मुसलमान करीब 16 से 17 घंटे का रोज़ा रखेंगे. जबकि भारत समेत पुर्तगाल, ग्रीस, चीन, अमेरिका, तुर्की, कनाडा, नॉर्थ कोरिया, जापान, पाकिस्तान, ईरान, इराक, सीरिया, फिलीस्तीन, यूएई, कतर और सऊदी अरब में करीब 14 से 15 घंटे का रोज़ा रखा जाएगा.
इन देशों में रोज़े की अवधि सबसे कम
सिंगापुर, मलेशिया, सूडान, थाईलैंड और यमन में रोज़े की अवधि 13 से 14 घंटे तक रहेगी. जबकि ब्राजील, जिम्बाब्वे, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका, अर्जेंटीना, न्यूजीलैंड, पैराग्वे और उरुग्वे में सबसे कम 11 से 12 घंटे का रोज़ा रखा जाएगा.