Shani Amavasya 2021: हर अमावस्या की तरह मार्गशीर्ष मास की अमावस्या का भी विशेष महत्व है. इस दिन स्नान, दान और पूजा उपासना का विशेष महत्व होता है. अगर यह अमावस्या शनिवार को पड़ जाती है तो यह और भी फलदायी हो जाती है. इसे शनैश्चरी अमावस्या या शनि अमावस्या (Shani Amavasya) के नाम से भी जाना जाता है. इस शनि अमावस्या की खास बात ये है कि शनिदेव की अनुराधा नक्षत्र में भी मौजूदगी है. इस वजह से आज की शाम किए गए कुछ विशेष उपायों से शनिदेव की कृपा ही नहीं मिलेगी, बल्कि शनि की पीड़ा से भी मुक्ति मिलेगी. आइए जानते हैं किन उपायों से इस शनि अमावस्या पर शनि देव को करें प्रसन्न...
शनि देव को प्रसन्न करने के उपाय
1- हवन करें: शनि देव को प्रसन्न करने के लिए शनि मंदिर में शनि का हवन करें. आम की लकड़ी जलाकर हवन सामग्री और काले तिल की आहुती दें.
2- साढ़े साती और ढैया से बचने का उपाय: एक लोहे का छल्ला ले आएं. उसे शनिवार की सुबह सरसों के तेल में डुबाकर रख दें. शाम को शनिदेव के मन्त्रों का जाप करें. उनकी विधिवत आरती करें. इसके बाद लोहे के छल्ले को बाएं हाथ की मध्यम अंगुली में धारण कर लें.
3- खिचड़ी खाएं: इस दिन काली उड़द की दाल की खिचड़ी काला नमक डालकर खाएं. इससे भी शनि दोष के कारण होने वाले कष्टों में कमी आती है.
शनैश्चरी अमावस्या पर शाम को जरूर करें ये काम
1- यदि आप नौकरी की तलाश कर रहे हैं या फिर व्यापार में सफलता नहीं मिल पा रही है तो शनैश्चरी अमावस्या पर शाम को पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं. इसके बाद "ॐ शं शनैश्चराय नमः" का जाप करें. एक काला धागा पीपल वृक्ष की डाल में बांध दें. इसमें तीन गांठ लगाएं.
2- शनि देव की पूजा प्रदोष काल या रात्रि में करें. चाहें तो इस दिन व्रत भी रख सकते हैं. पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाकर शनि चालीसा या शनि मंत्र का जाप करें. इस दिन शनिदेव का तेलाभिषेक करने से भी शनि की पीड़ा से मुक्ति मिलती है.
3- शनिवार की शाम को एक या दो दरिद्र को भरपेट भोजन कराएं. साथ ही उसको कुछ धन का दान करें. भोजन में रोटी, पराठे, चावल, सब्जी-दाल, मिठाई और खीर शामिल करें.