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Shree Kala Ram Mandir: 22 जनवरी को अयोध्या के राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है. रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की तैयारी जोरों पर है. प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन भक्त अपने-अपने तरीके से श्रीराम के प्रति श्रद्धा भी व्यक्त करेंगे. अयोध्या में राम मंदिर के भव्य 'प्राण-प्रतिष्ठा' समारोह से ठीक 10 दिन पहले पीएम मोदी श्रीराम के जीवन से जुड़े एक विशेष स्थान पर आए हैं और वो स्थान है श्री कालाराम मंदिर. पीएम मोदी का इस स्थान पर आना अधिक महत्व रखता है क्योंकि भगवान राम के जीवन में इसका बहुत महत्व है.
आज पीएम मोदी पहुंचे श्री कालाराम मंदिर
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले 11 दिन का विशेष अनुष्ठान आरंभ किया है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नासिक में गोदावरी के किनारे स्थित श्री काला राम मंदिर पहुंचे हैं. श्री काला राम मंदिर नासिक के पंचवटी क्षेत्र में स्थित है.
पंचवटी में बिताया था श्रीराम ने कुछ समय
रामायण से जुड़े स्थानों में पंचवटी सबसे विशेष और महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है क्योंकि रामायण की कई महत्वपूर्ण घटनाएं यहीं घटी थीं. भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने पंचवटी क्षेत्र में स्थित दंडकारण्य वन में कुछ वर्ष बिताए थे. पंचवटी नाम का अर्थ है 5 बरगद के पेड़ों की भूमि. ऐसा माना जाता है कि भगवान राम ने यहां अपनी कुटिया स्थापित की थी क्योंकि 5 बरगद के पेड़ों की उपस्थिति ने इस क्षेत्र को शुभ बना दिया था. अयोध्या में राम मंदिर के भव्य 'प्राण-प्रतिष्ठा' समारोह से ठीक 11 दिन पहले पीएम मोदी का इस स्थान पर आना अधिक महत्व रखता है क्योंकि भगवान राम के जीवन में इसका बहुत महत्व है. तो आइए जानते हैं कि आखिर क्यों श्री कालाराम मंदिर इतना विशेष है.
क्या है श्री कालाराम मंदिर का विशेष महत्व
श्री कालाराम मंदिर एक पुराना हिंदू मंदिर है जो महाराष्ट्र के नासिक शहर के पंचवटी क्षेत्र में स्थित है. पंचवटी में भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने वनवास का समय बिताया था. यह नासिक का सबसे खास मंदिर माना जाता है. कालाराम मंदिर भगवान राम को समर्पित है, जिन्हें गर्भगृह के अंदर काले पत्थर की मूर्ति के रूप में स्थापित किया गया है. इस मंदिर में भगवान श्रीराम के साथ माता सीता और लक्ष्मण जी मूर्ति भी स्थापित है.
इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि सरदार रंगारू ओढेकर नाम के शख्स के सपने में भगवान राम आए थे. काले रंग की मूर्ति के गोदावरी नदी में तैरते देखा था. सुबह-सुबह नदी किनारे पहुंचे और सचमुच में श्रीराम की कालेरंग की मूर्ति मौजूद थी. इसे लाकर देवालय में स्थापित किया. इस मंदिर का निर्माण वर्ष 1782 में करवाया गया था. इससे पहले यहां पर लकड़ी से निर्मित मंदिर था. इस मंदिर के निर्माण में 12 साल लगे थे.