Shukra Asta 2022: ग्रह गोचर के लिहाज से ये सप्ताह बहुत खास रहने वाला है. इस हफ्ते दो बड़े ग्रहों का उलटफेर होगा. 17 सितंबर को सूर्य सिंह से कन्या राशि में प्रवेश करेंगे. लेकिन इससे पहले 15 सितंबर को सुख-समृद्धि के कारक शुक्र सिंह राशि में अस्त होने वाले हैं. ज्योतिषियों की मानें तो शुक्र ग्रह 15 सितंबर दिन गुरुवार को दोपहर 02 बजकर 29 मिनट पर अस्त हो जाएंगे. इसके बाद शुक्र का उदय 02 अक्टूबर को होगा. आइए जानते हैं कि अस्त शुक्र का सभी राशि के जातकों पर कैसा असर पड़ेगा.
क्या है शुक्र के अस्त होने का महत्व
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब भी कोई ग्रह सूर्य के नजदीक जाता है तो ग्रहों के राजा उसे अस्त कर देते हैं. इसी तरह 15 सितंबर को सूर्य के नजदीक जाते ही शुक्र ग्रह अस्त हो जाएगा. ऐसा कहते हैं कि किसी ग्रह के अस्त होते ही उसके कारक में कमी आने लगती है. यानी ग्रह की शक्तियों कमजोर पड़ जाती हैं और जातकों को उसका शुभ फल नहीं मिल पाता है. इसलिए जब शुक्र अस्त होता है तो उससे मिलने वाली सुख-समृद्धि से लोग वंचित रह जाते हैं.
किन राशियों पर होगा इसका असर?
शुक्र के अस्त होते ही चार राशि के जातकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है. 15 सितंबर को शुक्र के अस्त होने के बाद मिथुन, कन्या, मकर और कुंभ राशि वालों को थोड़ा संभलकर रहना होगा. इन राशि वालों के दैनिक कामकाज में बाधाएं आ सकती हैं. बने-बनाए काम बिगड़ सकते हैं. पैसों का नुकसान होने की संभावना है.
जबकि कुछ राशियों पर शुक्र के अस्त होने का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. मेष, वृषभ, कर्क, सिंह, तुला, वृश्चिक, धनु और मीन राशि वालों के इससे घबराने की जरूरत नहीं है. इन राशियों पर अस्त शुक्र का कोई असर नहीं पड़ेगा.
शुक्र अस्त होने पर क्या करें?
सूर्य के अस्त होते ही शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित हो जाते हैं. ऐसे कार्यों में शुक्र देव की कृपा नहीं मिल पाती है. शुक्र का उदय होने पर ही इस तरह के कार्य संपन्न किए जा सकते हैं. यदि अस्त शुक्र से आपके जीवन में ज्यादा समस्याएं आ रही हैं तो आप शुक्र के बीज मंत्र 'ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः' का जाप कर सकते हैं. शुक्रवार के दिन उपवास रखें और सवेरे-सवेरे शुक्र देव को जल अर्पित करें.