आर्थिक उन्नति प्राप्त करना हर व्यक्ति के जीवन का अहम हिस्सा है. अगर आपके घर मे हमेशा पैसों की तंगी रहती है तो इसके लिए काफी हद तक वास्तु दोष को जिम्मेदार माना जा सकता है. वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के अनुसार अगर घर में सामान उपयुक्त दिशाओं के अनुसार नहीं रखा जाता तो इससे पैसे के आगमन में बाधा होती है. आइए घर से जुड़े कुछ नियमों के बारे में जानते हैं जिसकी मदद से आर्थिक स्थिति बेहतर की जा सकती है.
> वास्तु शास्त्र के अनुसार हल्के फर्नीचर को हमेशा उत्तर या पूर्व दिशा में रखना चाहिए. जबकि भारी फर्नीचर को दक्षिण या पश्चिम दिशा में रखना सबसे अच्छा रहता है. इसके अलावा फर्नीचर के लिए खरीदी गई लकड़ी के लिए उत्तर दिशा, पूर्व दिशा या उत्तर-पूर्व दिशा के कोने का चुनाव करना चाहिए. इससे घर व दुकान में बरकत बढ़ती है.
> वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि आपके घर या दुकान में सीढ़ियां बनी हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि सीढ़ियों की संख्या विषम (1, 3, 5, 7, 9, 11) होनी चाहिए.
> घर या दुकान में अलमारी और तिजोरी का मुंह उत्तर दिशा में होना चाहिए. इससे धन में वृद्धि होती है. साथ ही खर्च भी कम होता है.
> अगर घर के नल से पानी टपकता रहता है तो इसे खर्च का कारक माना जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार नल से पानी टपकने का मतलब धन का भी पानी की तरह ही बहना माना जाता है.
> घर में टूटे हुए बर्तन नहीं रखने चाहिए. वास्तु के अनुसार टूटे हुए बर्तन नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाते हैं. साथ ही इससे घर की आर्थिक स्थिति भी खराब होती है.
> घर के मुख्य द्वार से ही सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जाओं के प्रवेश का आदान-प्रदान शुरू होता है. इसलिए घर के द्वार पर चांदी के बने स्वास्तिक को बनाने से सकारात्मकता आती है.
> घर में पेड़-पौधे लगाने से सकारात्मक ऊर्जा को स्थान मिलता है. साथ ही पेड़-पौधों के फलीभूत और हरा-भरा होने से आर्थिक स्थिति मजबूत होने का संकेत मिलता है.
> आर्थिक स्थिति को अच्छा करने के लिए घर की उत्तर दिशा में वॉटर फॉल लगाया जा सकता है.