वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के मुताबिक अपने ऑफिस और काम करने के स्थान का विशेष ध्यान रखना चाहिए. यदि आपके ऑफिस या काम करने की जगह का वास्तु खराब है तो आपको आर्थिक तंगी और सहयोगियों से वाद-विवाद का सामना करना पड़ सकता है.
आपकी आर्थिक स्थिति और करियर की दिशा काफी हद तक वास्तु पर निर्भर करती है. इसलिए ध्यान रखना आवश्यक है कि आपका ऑफिस, कैबिन और काम करने का स्थान वास्तु के अनुरूप है या नहीं. आइए जानते हैं कुछ खास वास्तु टिप्स.
> वास्तु शास्त्र के अनुसार ऑफिस का मुख्य द्वार पूर्व या उत्तर दिशा में शुभ रहता है. हालांकि, ये काफी हद तक आपके जन्म के समय पर भी निर्भर करता है.
> ऑफिस में कैशियर का स्थान सबसे महत्वपूर्ण होता है क्योंकि सारे पैसे का हिसाब-किताब उसके पास होता है. कैशियर को उत्तर दिशा में बैठाने का प्रयास करें क्योंकि उत्तर दिशा भगवान कुबेर की दिशा होती है.
> ऑफिस में जिस जगह पर बॉस बैठते हैं, वहीं पीछे की ओर खिड़की नहीं होनी चाहिए. किसी ठोस दीवार का होना अच्छा रहता है.
> ऑफिस के मुख्य द्वार के सामने काला, आसमानी और ग्रे कलर नहीं होना चाहिए.
> आपके ऑफिस में कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को हमेशा आग्नेय कोण में ही लगाना चाहिए. यह दिशा अग्नि देव की दिशा है.
> अगर आप ऑफिस में कोई भी वेटिंग या मीटिंग रूम बनाते है तो उसे हमेशा वायव्य कोण में ही बनाएं.
> ऑफिस में जितने भी बड़े अधिकारी हो उन्हें दक्षिण दिशा में और छोटे अधिकारियों को पश्चिम दिशा में बैठना चाहिए.
> ऑफिस में किसी भी कर्मचारी की पीठ मुख्य द्वार की तरफ नहीं होनी चाहिए.
> ऑफिस में दीवारें, पर्दे, टेबल सब हल्के रंग के होने चाहिए.
> ऑफिस में पृथ्वी का चित्र या ग्लोब, किसी महापुरुष की तस्वीर और बहते हुए पानी आदि की तस्वीरें लगा सकते हैं.