scorecardresearch
 

Vastu Tips: इन दिशाओं में भूलकर भी न रखें दवाइयां, स्वास्थ्य पर पड़ता है असर

वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के अनुसार दवाइयों को रखने के स्थान का भी व्यक्ति के स्वास्थ्य पर असर पड़ता है. घर में कुछ ऐसे स्थान भी होते हैं, जहां पर दवाइयों को रखने पर नकारात्मक (Negative) परिणाम देखने को मिलते हैं. वास्तु के अनुसार जानिए घर में दवाइयां रखने की सही जगह क्या होनी चाहिए.

Advertisement
X
Medicines Vastu Shastra Tips: वास्तु शास्त्र
Medicines Vastu Shastra Tips: वास्तु शास्त्र

Vastu Tips Related to Medicines: जीवन का भरपूर आनंद लेने और आगे बढ़ने के लिए व्यक्ति के शरीर का स्वस्थ होना बहुत आवश्यक है. आमतौर पर लोग वास्तु के अनुसार घर की सही दिशा में सामान तो रख लेते हैं लेकिन छोटी-छोटी चीजों पर ध्यान नहीं देते. ऐसे में वास्तु दोष (Vastu Dosh) उत्पन्न होने से कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

Advertisement

वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के अनुसार दवाइयों को रखने के स्थान का भी व्यक्ति के स्वास्थ्य पर असर पड़ता है. घर में कुछ ऐसे स्थान भी होते हैं, जहां पर दवाइयों को रखने पर नकारात्मक (Negative) परिणाम देखने को मिलते हैं. वास्तु के अनुसार जानिए घर में दवाइयां रखने की सही जगह क्या होनी चाहिए.

वास्तु के अनुसार उत्तर दिशा और उत्तर-पूर्व में दवाइयों को रखना उचित माना जाता है. दवाइयों को सही ढंग से रखा जाए तो व्यक्ति के जल्दी स्वस्थ्य होने की संभावना बढ़ती है और रोगों से जल्द ही छुटकारा मिलता है. जबकि दक्षिण-पूर्व और दक्षिण दिशा में दवाइयों को रखने से हमेशा बचना चाहिए.

वास्तु के अनुसार यदि घर की दक्षिण दिशा में दवाइयां रखी जाती हैं तो पारिवारिक सदस्य छोटी-छोटी बीमारियों में भी दवाइयां लेना उचित समझते हैं. इसलिए दक्षिण दिशा में दवाइयां रखने से हमेशा बचना चाहिए.

Advertisement

कई बार किचन यानी रसोई में काम करते समय हल्का-फुल्का जलने या कटने का खतरा अधिक रहता है. ऐसे में लोग रसोई में फर्स्ट एड बॉक्स या दवाई के डिब्बे रखते हैं लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार रसोईघर में कभी भी दवाईयों का डिब्बा नहीं रखना चाहिए. व्यक्ति के स्वास्थ्य पर इसका बुरा असर पड़ता है.

दक्षिण-पूर्व दिसा में दवाइयों को रखने से बचना चाहिए. माना जाता है कि इस दिशा में दवाइयां रखने से इनका असर कम हो जाता है. जिसे नियमित तौर पर लेते रहने पर भी मरीज़ को अपनी बीमारी से उबरने में समय लगता है.  


 

Advertisement
Advertisement