सफाई आवश्यक है. घर में श्री लक्ष्मी तभी ठहरती हैं जब वह साफ और सुव्यवस्थित होता है. वास्तुशास्त्र सिर्फ दिशानुसार घर को बनाने भर से नहीं है. घर से जुड़े रोज किए जाने वाले काम और प्रयास भी वास्तु शास्त्र का हिस्सा हैं. घर में साफ रखने में झाड़ू की महत्वपूर्ण भूमिका होती है.
वास्तुशास्त्र के अनुसार सुबह के समय झाड़ू लगाना श्रेष्ठ होता है. सूरज चढ़ने तक भी झाड़ू लगाना मान्य है. लेकिन सूरज ढलने के बाद घर में बुहारी लगाना (बहारना) शास्त्र के मुताबिक नहीं है. ऐसा तभी किया जाना चाहिए जब अत्यंत अत्यावश्यक हो.
देर शाम और रात के समय में घर में झाड़ू को प्रतिबंधित माना गया है. ऐसा करने से घर में लक्ष्मी नहीं ठहरती हैं. साथ ही घर में रहने वालों को सुख, शांति और स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतें अनुभव हो सकती हैं. यहां पर यह बात भी महत्वपूर्ण है कि रात्रि में सूर्य का प्रकाश नहीं रहता है. इससे अत्यंत छोटी वस्तुएं नजर नहीं आती हैं. देर रात झाड़ू लगाते समय इन्हें न देख पाने से खो जाने का खतरा बढ़ जाता है.
पुरानी व्यवस्था से समझें तो रात के समय में घर के कोने-कोने तक साफ-सफाई कठिन होता था. वास्तु के मुताबिक झाड़ू को ऐसे ही कहीं भी नहीं छोड़ा जाना चाहिए. इसे खुले में नहीं रखना चाहिए, खड़ा करके रखना भी बुरा माना गया है. खुले में रखने से घर में कलह होता है. इसलिए इसे हमेशा छिपाकर रखना चाहिए.
झाड़ू सही से बांधकर रखें. इससे निकले रेसे और सीक घर में यहां वहां न फैलाएं, इससे धन धान्य की स्थिति प्रभावित होती है.