जम्मू-कश्मीर के दिग्गज दिवंगत नेता गिरधारी लाल डोगरा की जन्मशती पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए जम्मू के संक्षिप्त दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रमज़ान के पवित्र महीने के समापन और ईद के त्योहार के मौके पर देशवासियों को शुभकमनाएं दीं. मोदी ने कहा, ‘रमज़ान का पवित्र महीना समाप्त होने जा रहा है. लोग ईद का इंतजार कर रहे हैं. देश और दुनिया में ईद मनाई जाएगी. मैं इस अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं.’
शनिवार को देशभर में ईद मनाई जाएगी.
ईद से पहले मेहंदी लगवाती महिलाएं.
अपने अंदाज में ईद की शुभकामनाएं देते बच्चे.
भारत के उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने देशवासियों को ईद की मुबारकबाद दी और कहा कि यह त्योहार दया, परोपकार और ईमानदारी की भावना को पुष्ट करता है. उन्होंने देश के नाम संदेश में कहा, ‘मैं देश की जनता को पवित्र महीने रमजान की समाप्ति पर मनाए जाने वाले ईद-उल-फितर के उल्लासपूर्ण अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं मुबारकबाद देता हूं.’ उन्होंने कहा, ‘यह त्योहार लोगों के बीच भाईचारे तथा समझ की पारंपरिक भावना को दर्शाता है तथा यह दया, परोपरकार और उदारता की भावना की पुष्टि करता है. ईद-उल-फितर के सर्वोत्कृष्ट विचार हमारी जिंदगी में शांति, समृद्धि और एकता भरे और हम सभी को मानवता की
भावना के साथ एकजुट करे.’
रमजान इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीना है. रमजान का पर्व इबादत एवं गुनाहों को माफ कराने वाला है. इस माह के तीसों दिन रोजा रखने के बाद ईद का पर्व मनाया जाता है. इस खुशियां भरे पर्व में बच्चों से लेकर बूढ़े तक नए कपड़े पहनते हैं.
ईद से पहले प्रार्थना करती महिलाएं.
ईद की खरीदारी को लेकर बाजार में चहलकदमी से बाजारों की रौनक देखते ही बनी. रेडीमेड कपड़ों से लेकर श्रंगार संबंधी सामानों और जूते-चप्पलों की दुकानों में भी भारी भीड़ उमड़ी.
ईद के लिए मेहंदी लगवातीं महिलाएं.
रमजान के पवित्र माह में मुस्लिम समाज द्वारा रोजा, तरावीह और तिलावते कुरआन के माध्यम से विशेष इबादतें की जाती हैं. मुस्लिम विद्वानों के मुताबिक, रमजान का पवित्र महीना मुसलमानों की जीवन शैली में सुधार और संतुलन स्थापित करने का भी अच्छा माध्यम है.
फ्रांस में ईद से पहले सेल्फी लेती महिलाएं.
रमजान में मुसलमान एक ओर रोजा, नमाज और कुरआन पाक की तिलावत व जकात की अदायगी के माध्यम से अपने रब को खुश करने का प्रयास करते हैं, वहीं दूसरी ओर रोजा रखकर खानपान की सावधानी और सहरी में उठकर प्रात:काल जागने का प्रशिक्षण भी प्राप्त कर लेते हैं, जिससे उनके जीवन में संतुलन भी स्थापित होता है और रोजे में भूख प्यास सहन करने के कारण उन्हें साधन विहीन व निर्धन परिवारों के कष्टों का अनुभव हो जाता है.
बाजार में विभिन्न प्रकार के कपड़े महिलाओं के आकर्षण का केंद्र बने. उधर युवाओं और युवतियों ने रेडीमेड कपड़ों की दुकानों पर जम कर खरीदारी की.
कश्मीर में ईद से पहले की नमाज का नजारा.
इस्लाम में रमजान का महीना दुनियाभर के मुसलमानों के लिए अदब और अकीदत का महीना है. यह महीना कई मायने में इंसान को बेहतर बनाने और उसमे खामियों को कम करके खूबियां बढ़ाने का एक बड़ा जरिया है. इस पाक माह में कोई भी रोजेदार छोटी-छोटी बुराइयों से बचने की कोशिश करता है और कमजोर लोगों की बेहतरी के लिए कोशिश करता है. इफ्तार के जरिए भाईचारे को बढ़ावा दिया जाता है तो जकात के जरिए लोग जरूरतमंदों की मदद करते हैं.
नाइजीरिया के योबे प्रांत में रमजान के समापन पर ईद की नमाज के लिए एक
प्रार्थना स्थल पर जुटे लोगों के बीच हुए दो शक्तिशाली बम विस्फोटों में कम
से कम 50 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. ये विस्फोट योबे
प्रांत की राजधानी दमातुरू शहर में शुक्रवार को उस समय हुए, जब लोग ईद की
नमाज के लिए जुटे थे.
पाकिस्तान में ईद से पहले की नमाज अदा करते लोग.
मौलाना सलमान हुसैन नदवी ने फरमाया कि मजहबी दायरे से बाहर देखें तो रमजान इंसान को बेहतर बनाने का बड़ा जरिया है. इस माह में लोग अच्छाई की ओर बढ़ने और बुराई से दूर भागने की कोशिश करते हैं. यही कोशिश उन्हें बतौर इंसार बेहतर बनाती है. उन्होंने कहा कि आमतौर पर लोग इस माह में ईद से पहले जकात निकालते हैं. इससे जरूरतमंदों को मदद मिलती है. रमजान में कोशिश रहती है कि लोगों की ज्यादा से ज्यादा मदद की जाए. इस माह में सवाब का दायरा भी 70 गुना अधिक हो जाता है.