scorecardresearch
 

Budha Gochar 2021: बुध के राशि गोचर से बना ये शुभ योग, इन 4 राशियों को लाभ ही लाभ

Budha Gochar 2021: ग्रहों के राजकुमार कहे जाने वाले बुध ग्रह का वृश्चिक राशि में गोचर हो रहा है. ये गोचर अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है. खास बात ये है कि बुध के वृश्चिक राशि में प्रवेश करने से बेहद शुभ योग बन रहा है. ये योग पहले से इस राशि में विराजमान सूर्य की युति से निर्मित हो रहा है, जो अत्यंत शुभ माना जाता है.

Advertisement
X
Budha Gochar 2021
Budha Gochar 2021
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बुध को कहा जाता है ग्रहों का राजकुमार
  • सूर्य की मौजूदगी से बन रही दो ग्रहों की युति

Mercury transit in Scorpio 2021: बुध ग्रह ने वृृृश्चिक राशि में गोचर कर लिया है. बुध इस राशि में 10 दिसंबर सुबह 5 बजकर 53 मिनट तक रहेंगे. पहले से ही वृश्चिक राशि में मौजूद सूर्य ग्रह की युति से बुधादित्य योग का निर्माण हो गया है. ज्योतिष के अनुसार बुधादित्य योग के बनने से सिंह, कन्या, कुंभ और मीन राशि वालों को बड़ा लाभ मिलने के संकेत हैं. जानें बुध का राशि परिवर्तन आपके लिए कैसा रहेगा....

Advertisement

मेष (Aries): इस राशि के जातकों के लिए बुध उनके 8वें भाव में गोचर किया है, जो अनुसंधान, परिवर्तन और अनिश्चितता का प्रतिनिधित्व करता है और तीसरे और छठे घर पर शासन करता है. इस गोचर के दौरान आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण आपको कठिन समय का सामना करना पड़ सकता है. व्यक्तिगत मोर्चे पर, आपके और आपके साथी के बीच घनिष्ठता आपको परिप्रेक्ष्य को समझने में मदद करेगी और यदि कोई तनाव हो तो आप उनके लिए अपना रास्ता खोज लेंगे.


वृषभ (Taurus): वृष राशि के जातकों के लिए बुध आपके विवाह और साझेदारी के सप्तम भाव में गोचर कर रहा है. यह गोचर आपके करियर के लिए अनुकूल रहने वाला है. अच्छी बातचीत आपके घरेलू और प्रेम जीवन में एक समझ और सार जोड़ देगी. व्यावसायिक रूप से, जैसा कि बुध व्यापार विश्लेषण पर शासन करता है, तो यह गोचर आपको व्यावसायिक पहलू में शुभ परिणाम देगा.

Advertisement


मिथुन (Gemini): मिथुन राशि के लिए बुध पहले और चौथे भाव का स्वामी है.  ये बाधाओं, रुकावट का प्रतिनिधित्व करता है. इस गोचर के दौरान आपके जीवन में कुछ भावनात्मक असंतुलन हो सकता है, आपका स्वास्थ्य गिर सकता है, इसलिए आपको अपना उचित ध्यान रखने की आवश्यकता है. वाद-विवाद और विवाद मुख्य चिंता का विषय होंगे और आप उनमें शामिल रहेंगे.

कर्क (Cancer): कर्क राशि के लिए बुध तीसरेे, बारहवें भाव का स्वामी है, जो संतान, विचार, बुद्धि, प्रेम और रोमांस के पंचम भाव में गोचर कर रहा है. इस राशि के जातकों के लिए बुध की यह स्थिति मिले-जुले परिणाम लेकर आएगी. यह सलाह दी जाती है कि आप अपना ध्यान अपनी नौकरी पर लगाएं. अपने पेशेवर जीवन को हल्के में न लें क्योंकि आपकी नौकरी जाने की संभावना है. आर्थिक रूप से किसी भी अवैध गतिविधियों में निवेश न करें अन्यथा इससे नुकसान हो सकता है और आपको अधिक कीमत भी देना पड़ सकता है.

 

 
सिंह (Leo): सिंह राशि के जातकों के लिए बुध दूसरे और एकादश भाव का स्वामी है, जो चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है, यह माता, भूमि, विलासिता और आराम का प्रतिनिधित्व करता है. आपके लिए ये योग शुभ फलदायी साबित हो सकता है. करियर में आ रही बाधाएं दूर होने की संभावना है. परिवार का माहौल खुशनुमा रहेगा. इस अवधि में कोई सुखद समाचार भी सुनने को मिल सकता है. इस दौरान लाभ प्राप्त करने के कई अवसर प्राप्त हो सकते हैं. आप इस गोचर के दौरान नया वाहन और संपत्ति भी खरीद सकते हैं और यह चरण आपके लिए कई अन्य सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा. 

Advertisement


कन्या (Virgo): कन्या राशि के जातकों के लिए बुध पहले और दशम भाव का स्वामी है, जो भाई-बहनों, साहस और यात्राओं के तीसरे भाव में गोचर कर रहा है.  इस गोचर के दौरान बुध ग्रह आपके जुनून, क्रोध, दृढ़ संकल्प और संचार कौशल में वृद्धि का गवाह बनेगा. जोश के साथ, आप नौकरी में बदलाव की तलाश कर सकते हैं. आपके लिए लाभ के संकेत हैं. 


तुला (Libra): तुला राशि के लिए बुध नवम भाव का स्वामी है और द्वादश भाव संचित धन, बचत, परिवार और वाणी के दूसरे भाव में गोचर कर रहा है. तुला राशि के जातकों के लिए बुध का गोचर शुभ फल लाएगा, क्योंकि यह आपकी सभी परेशानियों को दूर करेगा. इस गोचर काल के दौरान अपने वित्त के प्रबंधन पर ध्यान दें. ज्यादा तनाव आपके स्वास्थ्य को भी गिरा सकता है.

वृश्चिक (Scorpio): वृश्चिक चंद्र राशि के लिए बुध अष्टम और एकादश भाव का स्वामी है और इस जल राशि के जातक के व्यक्तित्व और स्वयं के प्रथम भाव में गोचर कर रहा है. आपकी लंबे समय से प्रतीक्षित मनोकामना पूरी होगी. जल्दबाजी में कोई भी निर्णय लेने से बचने की सलाह दी जाती है. आपको त्वचा, रक्त आदि से संबंधित कुछ स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.

Advertisement

धनु (Sagittarius): धनु राशि के लिए बुध सप्तम और दशम भाव का स्वामी है और व्यय और विदेशी लाभ के बारहवें भाव में गोचर कर रहा है. स्वास्थ्य के मुद्दों से बचें नहीं क्योंकि यह गंभीर बीमारियों में तब्दील हो सकता है. आपका जीवनसाथी कुछ स्वास्थ्य और चिंता के मुद्दों से गुजर सकता है. इस गोचर काल के दौरान विदेशों में काम करने, बढ़ने और एक स्थिर करियर बनाने के अवसर मिलेंगे.
 
मकर (Capricorn):
मकर चंद्र राशि के लिए बुध छठे और नवम भाव का स्वामी है, जो एकादश भाव में गोचर कर रहा है. इस गोचर के दौरान, यह घर समग्र प्रकार के लाभ, मौद्रिक लाभ, आय, नाम और प्रसिद्धि में लाभ का शासन करता है. आप सभी विवादों में सफल होंगे और आप अपने विरोधियों पर हावी रहेंगे.

कुंभ (Aquarius): कुंभ राशि के लिए बुध पंचम भाव और अष्टम भाव का स्वामी है और करियर, पेशे, नाम और प्रसिद्धि के दशम भाव में गोचर कर रहा है. आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी. मेहनत का उचित परिणाम प्राप्त होगा. नौकरी में प्रमोशन के प्रबल आसार दिखाई दे रहे हैं. आपको इस अवधि में अपनी योग्यता दिखाई का भरपूर मौका मिलेगा. काम के चलते यात्रा करनी पड़ सकती है. जिससे धन लाभ के आसार रहेंगे.

Advertisement


मीन (Pisces): मीन राशि के लिए बुध चतुर्थ और सप्तम का स्वामी है और भाग्य, उच्च शिक्षा और आध्यात्मिकता के नवम भाव में गोचर कर रहा है. इस राशि के जातकों के लिए बुधादित्य योग शुभ साबित होगा. मान-सम्मान में इजाफा होगा. आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. निवेश के लिए समय अनुकूल है. सैलरी बढ़ सकती है. प्रेम संबंधों में भी मधुरता आएगी. संपत्ति को लेकर लाभ मिल सकता है. व्यापारियों के लिए भी समय अच्छा है. 

 

Advertisement
Advertisement