एक्टर विजय वर्मा ने कोयंबटूर स्थित आदियोगी में महाशिवरात्रि मनाई और महादेव के भजन पर डांस किया. उन्होंने बताया कि क्रिएटिव फील्ड में काम करने वालों के लिए मेडिटेशन बहुत फायदेमंद है.
कोयंबटूर स्थित आदियोगी के प्रांगण में ईशा फाउंडेशन द्वारा महाशिवरात्रि का ग्रैंड सेलिब्रेशन मनाया जा रहा है. महाशिवरात्रि के इस महोत्सव में देश दुनिया के तमाम बड़े कलाकार पहुंच रहे हैं. आदियोगी में लगातार दूसरी बार मशहूर रैपर पैराडॉक्स ने भी हाजिरी लगाई है. पैराडॉक्स हसल 2.0 में अकड़ बम गाना गाकर फेमस हुए थे. पैराडॉक्स ने बताया कि महादेव से उनका कनेक्शन कितना खास है.
कोयंबटूर स्थित आदियोगी प्रांगण में महाशिवरात्रि का भव्य मंच तैयार हो चुका है. इस साल का थीम 'कैलाश पर्वत' रखा गया है, जिसे आर्ट डायरेक्टर रुपिन ने खास तौर पर तैयार किया है. सद्गुरु की बेटी राधे जग्गी और वर्षों से बाबा आदियोगी की सेवा कर रहे स्वामी चित्ता ने इस महोत्सव की खासियत बताई. जर्मनी की ब्लाइंड सिंगर कैसमे भी संस्कृत श्लोकों के साथ भक्ति के इस महासंगम का हिस्सा बनीं.
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर कोयंबटूर स्थित आदियोगी प्रांगण में भक्ति और उत्साह का संगम देखने को मिल रहा है. सद्गुरु जग्गी वासुदेव की मौजूदगी में यह महोत्सव पूरी रात संगीत, नृत्य और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा रहेगा. विजय वर्मा, तनीषा मुखर्जी, बाइचुंग भूटिया और संग्राम चौगुले जैसी मशहूर हस्तियां भी इस भव्य आयोजन में शामिल हुई हैं.
बॉडी बिल्डिंग में दो बार वर्ल्ड चैंपियन रह चुके संग्राम चौगुले महाशिवरात्रि मनाने कोयंबटूर आदियोगी पहुंचे हैं. उन्होंने बताया कि वो सद्गुरु के बहुत बड़े फैन हैं. संग्राम ने कहा कि लोग अच्छा शरीर, बड़ी गाड़ी और पैसे की ख्वाहिश पहले रखते हैं. लेकिन अगर आदमी के पास मानसिक शांति नहीं है तो इन चीजों का कोई फायदा नहीं.
महाशिवरात्रि के मौके पर ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु अपना मेडिटेशन ऐप मिरेकल ऑफ माइंड लॉन्च करने वाले हैं. बॉलीवुड अभिनेत्री तनीषा मुखर्जी ने ईशा योगा सेंटर में इस ऐप के माध्यम से 7 मिनट मेडिटेशन किया और अपना अनुभव साझा किया.
मैं वह आस्था हूं जो ऋग्वेद के श्लोक की महत्ता सिद्ध करती हूं, जिसमें लिखा है कि 'जिस स्थान में (प्रयाग) श्वेत (गंगा) और श्याम (यमुना) का संगम है उस स्थान की यात्रा, दर्शन और इसकी जलधारा में स्नान करने से स्वर्ग मिलता है. जो धीर पुरुष इस स्थान पर शरीर त्याग देते हैं वे अमर पद को प्राप्त होते हैं.
Maha Shivratri 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को हर साल महाशिवरात्रि मनाई जाती है. अक्सर लोगों के मन में ये सवाल उठता है कि भगवान शिव की उत्पत्ति कैसे हुई थी तो चलिए जानते हैं इसके पीछे की कथा के बारे में.
कौन है ये महिला, जिसे प्रेमानंद महाराज ने तोहफे में दिए सोने का हार, दंडवत प्रणाम भी किया
Vastu Tips: हर स्थान किसी न किसी ग्रह से संबंध रखता है, जिसको बेहतर करके हम कुंडली में ग्रहों की स्थिति को मजबूत बना सकते हैं. वास्तु शास्त्र में इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है.
कई ऐसे पौराणिक चरित्र रहे हैं, जिनकी कथाओं में प्रेम की पराकाष्ठा देखी जा सकती है. इन कहानियों में प्रेम के तप, त्याग, निष्ठा और आत्मसमर्पण के सारे स्वरूप नजर आते हैं. इन पौराणिक चरित्रों में नल-दमयंती, दुष्यंत-शकुंतला, ऊषा-अनिरुद्ध का नाम भी प्रेम के सबसे बड़े उदाहरणों में लिया जाता है.
वैलेंटाइन तो बाद में आया होगा, लेकिन सनातन में अनंग त्रयोदशी नाम का एक व्रत उत्सव भी है, जो जीवन में प्रेम संबंधों में गहराई पाने के लिए किया जाने वाला व्रत है. मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को अनंग त्रयोदशी कहते हैं. अनंग कामदेव का ही एक नाम है. ओशो भी मानते हैं कि अध्यात्म में प्रेम को कभी ठुकराया नहीं गया है
Gupt Vrindavan Dham in Jaipur: यह मंदिर जगतपुरा में हरे कृष्ण मार्ग पर 6 एकड़ भूमि पर 300 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है. इसका उद्घाटन जयपुर की स्थापना की 300वीं वर्षगांठ के अवसर पर 2027 में किया जाएगा. खास बात यह है कि यह राजस्थान का सबसे बड़ा मंदिर और सांस्कृतिक परिसर होगा.
हिंदू पंचांग के अनुसार माघ मास में शुक्ल पक्ष का 15वीं तिथि ही माघ पूर्णिमा कहलाती है. इस दिन का धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से खास महत्व है और भारत के अलग-अलग हिस्सों में इसे श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है. लोग घरों में भी कथा-हवन-पूजन का आयोजन करते हैं और अगर व्यवस्था हो सकती है तो गंगा तट पर कथा-पूजन का अलग ही महत्व है.
बॉलीवुड एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी ने किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने ऐलान करते हुए कहा कि वो साध्वी का जीवन जीना जारी रखेंगी. बता दें, महाकुंभ में अपना पिंडदान कर उन्होेंने अपने जीवन के नए अध्याय की शुरुआत की थी. लेकिन उनके महामंडलेश्वर बनाए जाने पर खूब विवाद हुआ था.
Swastik Sign: स्वस्तिक की चार रेखाओं को चार वेद, चार पुरूषार्थ, चार आश्रम, चार लोक और चार देवों यानी ब्रह्मा, विष्णु, महेश और गणेश से तुलना की गई है. स्वस्तिक को सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है.
मनोरमा ने सालों से टीवी नहीं देखा, मनोरंजन की कोई चीज उनके आसपास नहीं भटक सकती है, मौनी अमावस्या पर अपने हाथों अपना अंतिम संस्कार और पिंडदान कर वो मोह माया से मुक्त हो चुकी हैं. वो बताती हैं कि जीते जी अपना पिंडदान कर दिया इससे बड़ी मुक्तिक और क्या होगी.
Jaya Ekadashi 2025: माघ शुक्ल एकादशी तिथि 7 फरवरी रात 9 बजकर 26 मिनट से शुरू होगी और 8 फरवरी रात 8 बजकर 15 मिनट पर इसका समापन होगा. इसलिए यह व्रत 8 फरवरी को रखा जाएगा. वहीं व्रत का पारण 9 फरवरी की सुबह किया जाएगा.
Basant Panchami 2025: बसंत पंचमी का त्योहार हर वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन मनाया जाता है. वहीं, माता सरस्वती से जुड़ी कईं दिलचस्प कथाएं हैं जिनमें से एक है कि आखिर भगवान विष्णु और माता सरस्वती का युद्ध क्यों हुआ था. आइए जानते हैं इसके पीछे की कथा.
Makar Sankranti 2025: हिंदू धर्म में मकर संक्रांति काफी महत्व है. इस दिन सूर्य देव उत्तरायण होते हैं. मान्यता है कि इसी दिन से वसंत ऋतु की भी शुरुआत होती है. वैसे मकर संक्रांति का महाभारत से भी गहरा संबंध है. भीष्म पितामह 58 दिनों तक बाणों की शैया पर रहे, लेकिन अपना शरीर नहीं त्यागा क्योंकि वे चाहते थे कि जिस दिन सूर्य उत्तरायण होगा तभी वे अपने प्राणों का त्याग करेंगे.
Paush Putrada Ekadashi 2025: पौष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पुत्रदा एकादशी मनाई जाती है. इस एकादशी का व्रत करने से जहां एक तरफ संतान हीन व्यक्तियों को पुत्र की प्राप्ति होती है वहीं दूसरी तरफ जिन लोगों की संतान होती है उनके बच्चे तपस्वी, विद्वान, और धनवान बनते हैं.