गरुड़ पुराण शास्त्र में भगवान विष्णु और गरुड़ के बीच बातचीत का वर्णन है. गरुड़ एक पक्षी है जिसे भगवान विष्णु का वाहन माना जाता है. गरुड़ पुराण विष्णु पुराण का एक हिस्सा है जिसमें हिंदू धर्म के मृत्यु, पुनर्जन्म और अंतिम संस्कार से संबंधित बातों का जिक्र किया गया है. गरुड़ पुराण हिंदू धर्म ग्रंथों की 18 महापुराणों में से एक है. यह विष्णु पुराण का एक भाग है जो वैष्णव साहित्य के अंतर्गत आता है. वैसे तो यह पुराण भगवान विष्णु पर केन्द्रित है लेकिन इसमें अन्य सभी देवताओं का उल्लेख भी किया गया है.
झूठे लोगों की पहचान- यह पुराण एक संवाद के रूप में है जिसमें भगवान विष्णु और गरुड़ के बीच की बातचीत है. इस पुराण की कई बातें आज भी प्रासंगिक हैं. ये पुराण हमें कई बातों की सीख देता है जिसे अमल में लाकर हम एक बेहतर इंसान बन सकते हैं. ईश्वर की नजर में झूठ बोलने वाले को एक अपराधी माना जाता है क्योंकि ये दूसरों को भ्रमित करते हैं और खुद से भी झूठ बोलते हैं. गरुड़ पुराण में 7 संकेत दिए गए हैं जिससे ये पता लगाया जा सकता है कि कोई व्यक्ति झूठ बोल रहा है.
झूठ बोलने वालों की शारीरिक भाषा- गरुड़ पुराण में झूठ और सच बोलने वालों की एक खास शारीरिक भाषा बताई गई है. इस पुराड़ में विभिन्न श्लोकों के माध्यम से बताया गया है कि कोई व्यक्ति झूठ बोल रहा है, इसकी पहचान कैसे की जा सकती है.
सच छिपाने की कोशिश- झूठ बोलना एक कला है. झूठ बोलने वाला व्यक्ति हमेशा अपनी बनाई कहानी को सच साबित करने में लगा रहता है. वो व्यक्ति हमेशा सच छिपाने की कोशिश में लगा रहता है.
शारीरिक बनावट- महत्वपूर्ण विषयों या मुद्दों पर चर्चा करते समय किसी महिला या पुरुष की बॉडी लैंग्वेज देखकर ये पता लगाया जा सकता है कि उसके दिमाग में क्या चल रहा है. अगर वो व्यक्ति बात करते समय असहज या गंभीर है और बात करते समय उसके कंधे झुके हुए हैं तो बहुत संभव है कि वो व्यक्ति कुछ छिपा रहा है. अगर वो व्यक्ति आराम की मुद्रा में कोई जरूरी बात कर रहा है तो ये भी एक झूठ बोलने का संकेत हो सकता है.
शरीर के हावभाव- कुछ लोग बात करते समय एक या दोनों हाथ हिलाते हैं. कुछ लोग बात करते समय पैरों को हिलाते हैं. ये एक बहुत सामान्य व्यवहार है लेकिन जब कोई व्यक्ति झूठ बोलता है तो उसके इस सामान्य व्यवहार या आदतों में बदलाव देखा जा सकता है. झूठ बोलने वाला व्यक्ति बहुत ज्यादा तनाव में नजर आता है और सामने वाले व्यक्ति से नजरें चुराकर बातें करता है.
अनावश्यक जल्दबाजी करना- झूठ बोलने वाले व्यक्ति की बॉडी लैंग्वेज बताती है कि वो बहुत जल्दबाजी में है. वो कोई भी काम जल्दी करके उस जगह से चला जाना चाहता है ताकि वो लोगों के सवालों से बच सके. ऐसा व्यक्ति हर काम जल्दी-जल्दी करता है.
आंखों की भाषा- अगर आप किसी व्यक्ति से बात कर रहे हैं और वो आंखों को हिलाए बिना हां में सिर हिलाता है तो इसका साफ मतलब है कि आपकी बातों में उस व्यक्ति को दिलचस्पी नहीं है. वो व्यक्ति बस आपको सुनने का दिखावा कर रहा है.
थका हुआ दिखाने की कोशिश- अगर आप किसी व्यक्ति से किसी बात पर चर्चा कर रहे हैं और वो व्यक्ति ऐसे दिखाता है जैसे कि वो थका हुआ हो, तो निश्चित रूप से उसको आपकी बातों में रुचि नहीं है. वो व्यक्ति झूठ बोल रहा कि वो पूरे ध्यान से आपकी बात सुन रहा है जबकि अंदर ही अंदर वो इस चर्चा से बाहर निकलने की कोशिश में रहता है.