बच्चों की सफलता तीन चीजों पर निर्भर करती है- स्वास्थ्य, शिक्षा और उनका करियर. इसमें स्वास्थ्य शनि से, करियर बृहस्पति से और शिक्षा सूर्य से मिलती है. आम तौर पर केवल सूर्य का मजबूत होना बच्चे को औसत दर्जे की सफलता देता है. बृहस्पति का मजबूत होना बच्चे को स्वास्थ्य और शिक्षा में सफलता देता है पर करियर में देरी कराता है. शनि का मजबूत होना बच्चे को स्वास्थ्य और शिक्षा में संघर्ष कराता है पर करियर में बड़ी सफलता देता है. इन तीन में से अगर दो ग्रह मजबूत हों तो बच्चा उच्च स्तर की सफलता पाता है.
बच्चे कब शिक्षा में असफलता और सफलता प्राप्त करते हैं?
पंचम भाव के खराब होने पर,बृहस्पति के दूसरे या पांचवे भाव में होने पर असफलता मिलती है. अग्नि तत्त्व की मात्रा ज्यादा होने पर यानी सूर्य या मंगल की खराब स्थिति होने पर असफलता मिलती है. पंचम भाव के मजबूत होने पर बच्चा आसानी से सफल होता है. शनि या बृहस्पति के मजबूत होने पर यानी वायु तत्त्व की प्रधानता होने पर अच्छी शिक्षा होती है. मध्य रात्री या मध्य दोपहर का जन्म होने पर बिना प्रयास के ही अतीव ज्ञान मिलता है.
बच्चे कब खूब स्वस्थ होते हैं और कब स्वास्थ्य खराब होता है?
अच्छे स्वास्थ्य के लिए सूर्य और चंद्रमा का अच्छा होना जरूरी है. लग्न के स्वामी का अच्छा होना अच्छा स्वास्थ्य देता है. राशि के स्वामी के मजबूत होने पर बच्चे का मन संतुलित होता है. पाप ग्रहों के मजबूत होने पर बच्चा कमजोर होता है. चंद्रमा के कमजोर होने पर बच्चे की एकाग्रता काफी कमजोर हो जाती है,मानसिक कमजोरी आती है. पृथ्वी तत्व के दूषित होने पर स्वास्थ्य कुछ न कुछ खराब रहता है और पढाई छूटती रहती है.
बच्चे कब करियर में सफल होते हैं और कब असफल?
राहू या नीच ग्रहों का प्रभाव होने पर बच्चों को करियर में बाधा आती है. अग्नि तत्त्व के मजबूत होने पर भी करियर में काफी संघर्ष करना पड़ता है. शनि-चंद्रमा-और राहू का कोई भी सम्बन्ध करियर में खूब उतार-चढ़ाव दिखाता है. बिना शनि की कृपा के कोई भी करियर में सफल नहीं हो सकता. मंगल और चंद्रमा भी अगर मजबूत हों तो बिना परिश्रम के ही सफलता मिल जाती है. बृहस्पति के मजबूत होने पर कम आयु में ही व्यक्ति ऊंचाई पा जाता है. मात्र शनि के मजबूत होने पर भी करियर में अच्छी सफलता मिलती है.
बच्चों को सदा सफल रहने के लिए क्या करना चाहिए?
सूर्य को नियमित रूप से जल चढ़ायें. नित्य गायत्री मंत्र का जप करें. कम से कम एक फल रोज खाएं. सप्ताह में एक बार किसी धर्म स्थल पर जरूर जाएं.