Janmashtami 2024: आज जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जा रहा है. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व का हिंदू धर्म में बेहद महत्व है. इसी शुभ तिथि पर भगवान कृष्ण का अवतरण हुआ था. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जन्माष्टमी पर भक्तजन व्रत रखते हैं और भावपूर्ण पूजा-अर्चना करते हैं. पौराणिक कथाओं के अनुसार, श्रीकृष्ण की बहुत सारी भक्त थीं. लेकिन इनमें से एक नाम दुर्योधन की पत्नी भानुमती का भी है.
दुर्योधन की पत्नी का नाम भानुमति था. वो बेहद सुंदर थी. जब कृष्ण दुर्योधन के महल में मेहमान बनकर आए, तब वो सिर्फ 17 साल की थी. दुर्योधन ने एक षड्यंत्र रचा. दुर्योधन ने सोचा कि श्रीकृष्ण को नशे की हालत में लाकर वो उनसे कोई भी वादा करा लेगा. उसने भोज में कई तरह के व्यंजनों के साथ मदिरा की भी व्यवस्था कराई. उस भोज में दुर्योधन के कई सारे मित्र भी आए और सब नशे में धुत हो गए. लेकिन, श्रीकृष्ण ने इन सबसे खुद को दूर रखा.
श्रीकृष्ण के खिलाफ दुर्योधन ने रचा ये षडयंत्र
दुर्योधन चाह रहा था कि श्रीकृष्ण नशे में चले जाएं. लेकिन हुआ ये कि दुर्योधन की पत्नी भानुमति ने कुछ ज्यादा ही शराब पी ली. दरअसल, भानुमति उम्र में छोटी थी जिसे इन चीजों की आदत बिल्कुल नहीं थी. वह नशे में सारी सुध-बुध खो बैठी. भानुमति को बिल्कुल होश नहीं था और वो कृष्ण से लिपट गई. उनके लिए अपनी इच्छाएं प्रकट करने लगीं.
दुर्योधन की पत्नी बनी श्रीकृष्ण की भक्त
तब कृष्ण ने भानुमति को एक छोटी बच्ची की तरह संभाला. वो समझ गए थे कि भानुमति की स्थिति खराब हो चुकी है. भानुमती अगर कुछ गलत कर बैठी तो बाद में खुद को संभाल नहीं पाएगी. और हस्तिनापुर की रानी का गौरव कलंकित हो जाएगा. इसलिए, श्रीकृष्ण उसे उठाकर महल के अंदर ले गए. वहां, जाकर उनको गांधारी के कक्ष में छोड़ आए. अगले दिन सुबह जब भानुमति को इन सब बातों के बारे में पता चला तो वो श्रीकृष्ण के प्रति सम्मान और कृतज्ञता से भर गईं. उस दिन से ही वो श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन रहने लगी.