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राहु के तीन खास नक्षत्र, जानें किन राशियों पर होता है इनका सबसे ज्यादा असर

लाल किताब में कुंडली में राहु के दोषपूर्ण या खराब होने की स्थिति के बारे में विस्तार से बताया गया है. राहु के नक्षत्र किसी भी इंसान के जीवन पर अच्छा-बरा असर डालते हैं.

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राहु के तीन खास नक्षत्र, जानें किन राशियों पर होता है इनका सबसे ज्यादा असर
राहु के तीन खास नक्षत्र, जानें किन राशियों पर होता है इनका सबसे ज्यादा असर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • राहु ग्रह न होकर ग्रह की छाया है
  • राहु के नक्षत्र इंसान के जीवन पर अच्छा-बरा असर डालते हैं

राहु ग्रह (Rahu) न होकर ग्रह की छाया है. ग्रहों की छाया का हमारे जीवन में काफी ज्यादा असर होता है. लाल किताब में कुंडली में राहु के दोषपूर्ण या खराब होने की स्थिति के बारे में विस्तार से बताया गया है. राहु के नक्षत्र किसी भी इंसान के जीवन पर अच्छा-बरा असर डालते हैं.

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राहु का पहला नक्षत्र- आर्द्रा
यह नक्षत्र पूरी तरह से मिथुन राशि के अंतर्गत आता है. इसका प्रतीक मानव का मस्तिष्क है. ये मुख्य रूप से विचार और बुद्धि से सम्बन्ध रखता है. इनको मृत्यु, दुःख दर्द और काफी संघर्ष झेलना पड़ता है. पर अपने प्रयास और तपस्या से ये जीवन में काफी सफल हो जाते हैं. कभी कभी इस नक्षत्र के लोग अपनी शक्तियों से दूसरों को परेशान करते हैं. ये बहुत ज्यादा हिंसक और विध्वंसक भी हो जाते हैं. इनको हमेशा एक सही मार्गदर्शक की आवश्यकता होती है

राहु का दूसरा नक्षत्र- स्वाति
यह नक्षत्र पूरी तरह से तुला राशि के अंतर्गत आता है. इस नक्षत्र के पास पूरी तरह से वायु की शक्ति होती है. इस नक्षत्र के लोगों के पास दूसरों को प्रभावित करने की शक्ति होती है. ये लोग अच्छे वक्ता और अच्छे प्रस्तोता होते हैं. इनके अंदर सीखने की और अंतर्ज्ञान की अद्भुत क्षमता होती है. ये लोग दूसरों की सहायता करते हैं और आत्म नियंत्रण जानते हैं. कभी कभी ये लोग बड़े स्वार्थी और धन लोलुप हो जाते हैं. इनको जीवन में अपनी शक्तियों का सही प्रयोग सीखना चाहिए.

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राहु का तीसरा नक्षत्र- शतभिषा
यह नक्षत्र पूरी तरह से कुम्भ राशि के अंतर्गत आता है. इसका नक्षत्र का अर्थ है- सौ वैद्य या सौ सितारे. इस नक्षत्र के लोगों के पास जन्मजात रोगनिवारक क्षमता होती है. ये लोग ज्ञानी, बुद्धिमान, दार्शनिक और अंतर्ज्ञान की शक्ति से सम्पन्न होते हैं. ये जीवन की कठिनाइयों से, दैवीय कृपा के कारण, निजात पा जाते हैं.

ये स्वभावतः रहस्यमयी और एकांत प्रेमी होते हैं. कभी कभी ये अवसाद और कल्पना के शिकार हो जाते हैं. ये क्षय रोग और स्नायु रोगों के जल्दी शिकार हो जाते हैं. जीवन में सफलता के लिए इनको गहरा ध्यान जरूर करना चाहिए.

 

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