वार्षिक अमरनाथ यात्रा शनिवार को शुरू हो गई. करीब 7,300 श्रद्धालु उत्तरी कश्मीर के बालटाल आधार शिविर से पवित्र गुफा के लिए रवाना हो गए. तीर्थ यात्रियों का दूसरा जत्था भी राज्य की शीतकालीन राजधानी जम्मू से कश्मीर घाटी के लिए रवाना हो गया है.
श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के एक अधिकारी ने शनिवार को जम्मू में बताया, ‘जम्मू से 742 यात्रियों का दूसरा जत्था 34 वाहनों के काफिले के साथ सुबह घाटी के लिए रवाना हुआ.’ 1,160 श्रद्धालुओं के पहले जत्थे ने शुक्रवार को जम्मू से घाटी की यात्रा शुरू की थी.
बालटाल आधार शिविर से पवित्र गुफा की दूरी 14 किलोमीटर है. तीर्थ यात्री उसी दिन यात्रा कर वापस आधार शिविर में लौट सकते हैं.
राज्यपाल एन.एन. वोहरा यात्रा के शुभारंभ के रूप में शनिवार को ‘प्रथम पूजा’ के लिए गुफा के दर्शन करेंगे. वोहरा श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के भी अध्यक्ष हैं.
सालाना यात्रा की शुरुआत सिर्फ कश्मीर-बालटाल मार्ग पर हुई है, क्योंकि दक्षिणी कश्मीर का पहलगाम मार्ग बर्फबारी की वजह से बंद है. एसएएसबी ने पहलगाम से गुफा के 39 किलोमीटर लंबे मार्ग की सफाई के लिए कर्मियों व मशीनों को तैनात किया है. पहलगाम मार्ग से यात्रा शुरू करने का फैसला एक जुलाई की बैठक में किया जाएगा.
प्रत्येक साल 1,93,000 तीर्थ यात्री डेढ़ महीने चलने वाली यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराते हैं. इस यात्रा का समापन श्रावण पूर्णिमा के दिन 10 अगस्त को होगा. स्थानीय पुलिस, अर्धसैनिक बलों और सेना ने यात्रा के संबंध में तीन स्तरीय सुरक्षा की व्यवस्था की है.