वेद और शास्त्रों के ज्ञानी रह चुके आचार्य चाणक्य ने जीवन को लेकर काफी नीतियों का निर्माण किया, जो काफी लोकप्रिय हैं. उन्होंने चाणक्य नीति में ऐसी नीतियों का उल्लेख किया है जिनका अनुसरण किया जाए तो किसी का भी जीवन बदल सकता है. उन्होंने नीतिशास्त्र में ऐसी 4 चीजों का उल्लेख किया है जो जीवन में सिर्फ एक बार होती हैं...
सकृज्जल्पन्तिराजान: सकृज्जल्पंतिपंडिता:।
सतकृत्कन्या: प्रदीयन्तेत्रीण्येतानिसकृत्सकृत्।।
चाणक्य नीति में लिखे इस श्लोक के द्वारा आचार्य चाणक्य बताते हैं कि राजा या शासक एक बार ही आदेश देता है. राजाज्ञा को बार बार दोहराने से उसके द्वारा दी जाने वाली आज्ञा का मान सम्मान घट जाता है. अगर कोई व्यक्ति भी दोबारा उसके आदेश को जानने की इच्छा जताए तो उसे राजा का निरादर माना जाता है.
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राजा के अलावा पंडित मंत्रों का उच्चारण केवल एक बार ही करते हैं. अगर आपको उनके मंत्रों को सुनना और समझना हो तो एक बार में ही ध्यान से सुन और समझ लेना चाहिए. क्योंकि उनकी प्रतिज्ञा दृढ़ रहती है और मंत्रों को दोबारा कहने पर अर्थ बदल जाया करते हैं.
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चाणक्य नीति के इस श्लोक में आचार्य कहते हैं कि कन्या का दान यानी कन्यादान एक बार ही किया जाता है. ऐसे में जब भी कन्यादान किया जाए पूरे मन से किया जाना चाहिए.
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चाणक्य चौथी चीज के रूप में जीवन का जिक्र करते हैं. वो कहते हैं कि किसी को भी सिर्फ एक बार मनुष्य का जीवन प्राप्त होता है. ऐसे में जीवन में कोई भी बुरा काम नहीं करना चाहिए. इसे अच्छे कर्मों में लगाना चाहिए.