भजन, गायन और धार्मिक उत्साह के बीच पंजाब के पटियाला शहर में तीन सिख गुरुओं के अवशेषों के दर्शन कराने वाली धार्मिक यात्रा बुधवार को शुरू हो गई.
दो हफ्तों तक चलने वाली इस विशेष धार्मिक यात्रा के दौरान सिख गुरुओं के अवशेषों को पूरे पंजाब में ले जाया जाएगा, ताकि लोग उनके दर्शन कर सकें और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें.
पंजाब सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि इस 'दर्शन यात्रा' के दौरान गुरु साहिबान के अवशेषों, उनके कपड़े और हथियारों को एक बस में रखकर प्रदर्शित किया जाएगा.
यह अवशेष सिखों के छठवें गुरु हरगोविंद सिंह, नौंवे गुरु तेग बहादुर और दसवें गुरु गोविंद सिंह के हैं.
यह धार्मिक यात्रा पंजाब सरकार और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) द्वारा आयोजित की जाती है. सिख गुरुओं के अवशेषों को 2.25 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बने वाहन में रखकर यात्रा निकाली जा रही है. यात्रा आनंदपुर कस्बे में 20 मई को तख्त श्री केशगढ़ साहिब में जाकर समाप्त होगी.
यात्रा पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल, एसजीपीसी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ और सिख धर्म के विभिन्न तख्तों के प्रमुख की मौजूदगी में शुरू हुई.
गुरु गोविंद सिंह के पवित्र अवशेषों में तीन तलवारें, बालों वाली कंघी का एक जोड़ा, एक पगड़ी, एक चोला (बागा), एक कोड़ा, पांच तीर, एक सिरी साहिब (तीन इंच का कृपाण), एक लकड़ी का भाला, एक छोटे इस्पात का भाला, एक बड़ी तलवार जिस पर गुरु तेग बहादुर लिखा है.
श्रद्धालुओं और विद्वानों की खास रुचि गुरु गोविंद सिंह के हाथ से लिखी पाण्डुलिपि में होगी.