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कोटा के शिवपुरी धाम में है शिव का अनोखा संसार

देवों के देव महादेव के जितने मंदिर हैं, उतने ही उनके रूप भी हैं. राजस्थान के कोटा में शिव का एक ऐसा धाम है, जहां एक शिवलिंग में समाए हैं सैकड़ों शिवलिंग, 14 टन वजन और 11 फीट ऊंचे इस शिवलिंग में सहस्त्र शिवलिंग के दर्शन कर श्रद्दालु भी शिवमय हो जाते हैं.

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देवों के देव महादेव के जितने मंदिर हैं, उतने ही उनके रूप भी हैं. राजस्थान के कोटा में शिव का एक ऐसा धाम है, जहां एक शिवलिंग में समाए हैं सैकड़ों शिवलिंग, 14 टन वजन और 11 फीट ऊंचे इस शिवलिंग में सहस्त्र शिवलिंग के दर्शन कर श्रद्दालु भी शिवमय हो जाते हैं.

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कोटा का शिवपुरी धाम है, जिसे सहस्रशिवलिंग धाम भी कहा जाता है. यहां का भव्य शिवलिंग 11 फीट ऊंचा और 14 टन के वजन वाला है. जो इसे देखता है, बस देखता ही रह जाता है. इसके दर्शन कर श्रद्वालु पूरी तरह शिवमय हो जाते है. इसमें भगवान शिव के 1008 नाम के छोटे छोटे शिवलिंग स्थापित हैं. सहस्र शिवलिंग के अलावा यहां ऊं आकार में 525 छोटे शिवलिंग बने है, जो न केवल इसे अनूठा सौंदर्य दे रहे हैं बल्कि भक्ति की ऊंचाईयों का भी अहसास कराते हैं. इन शिवलिंग की विशेषता यह है कि यह देश के अलग-अलग तीर्थ स्थलों और पवित्र नदियों से पूरे विधि विधान से यहां लाए गए हैं.

शिवपुरी धाम में इन शिवलिंगों की स्थापना की भी एक कथा है. कहते हैं यहां एक नगा साधु रामपुरी जी थे, जो एक बार नेपाल गए तो उन्होंने वहां पशुपति नाथ मंदिर में ऐसे शिवलिंग देखे, फिर क्या था उन्होंने प्रण कर लिया कि वो भी शिवपुरी धाम में ऐसे ही सहस्त्र शिवलिंग की स्थापना करेंगे. इस स्थान के बारे में एक और कहानी है कि यहीं पर महादेव ने ब्रह्मा और विष्णु के अहंकार को तोड़ा था और ये विशाल शिवलिंग उसी घटना की याद दिलाता है. यह मान्यता है कि जिसने महादेव के इस भव्य रुप का अभिषेक कर लिया उसे सहस्र शिवलिंग की पूजा का फल मिल जाता है.

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शिवपुरी धाम में प्रवेश करते ही काल भैरव का मंदिर आता है, जिसके पास एक सरोवर है. यहीं से भक्त जल भरकर शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं. कहते हैं सहस्रशिवलिंग धाम पर मांगी गई मन्नत कभी अधूरी नहीं रहती. यहां महादेव हारों को सहारा देते हैं और दुखियारों को देते हैं खुशियों का आशीर्वाद.

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