प्रयागराज कुंभ मेले में तीन बड़े स्नान पर्व संपन्न हो चुके हैं. अब दो स्नान पर्व होने हैं, मेला प्रशासन इसकी तैयारियों में जुटा है. कुंभ नगरी प्रयागराज में आने के लिए काफी बंदोबस्त किए गए हैं. स्नान पर्व के दिन हुई भगदड़ के बाद कुंभ में आने वाले लोगों का सिलसिला कुछ थमा था. अब फिर से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया है. कुंभ में चारों तरफ भीड़ ही भीड़ नजर आ रही है. ऐसे में बचे हुए स्नान पर्व को लेकर प्रशासन सतर्कता बरत रहा है और व्यवस्था में सुधार किया गया है.
संगम की रेती पर महाकुंभ 2025 को लेकर श्रद्धालुओं में क्रेज बना हुआ है. देश के अलग-अलग कोने से श्रद्धालु कुंभ मेला क्षेत्र में पहुंच रहे हैं. अलग-अलग रूट पर बसों का इंतजाम किया गया है. यहां अलग-अलग जगह पर पार्किंग में गाड़ियों को खड़ा किया जा रहा है. दिल्ली, आगरा, मेरठ, कानपुर, फतेहपुर, कौशांबी रूट से आने वाले लोगों के लिए नेहरू पार्क पार्किंग स्थल बनाया गया है.
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इसी तरह लखनऊ, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, जौनपुर, अयोध्या से आने वाले लोगों के लिए बेला कछार में पार्किंग है. इसी तरह मिर्जापुर, बिहार, पश्चिम बंगाल से आने वालों के लिए नैनी में पार्किंग स्थल बनाया गया है. वहीं मध्य प्रदेश, मुंबई से आने वाले लोगों के लिए घूरपुर की तरफ पार्किंग स्थल है. सभी रूट से आने वाले लोगों के लिए और कुंभ में जाने के लिए शटल बस सेवा भी शुरू है. इसके अलावा कुंभ तक पहुंचाने के लिए बाइक, ई-रिक्शा, Trolley का भी इस्तेमाल हो रहा है. इन सबके रेट भी कुछ हद तक निर्धारित हैं.
लोगों के ठहरने के लिए कई टेंट सिटी बनाई गई है. अभी से एडवांस बुकिंग चल रही है. सभी टेंट सिटी फुल हैं. माघी पूर्णिमा और शिवरात्रि को लेकर भी टेंट सिटी बुक हैं. प्रयागराज के अधिकतर होटल भी पहले से बुक हैं. एडवांस बुकिंग चल रही है. श्रद्धालुओं के लिए अलग से रहने के शहर में इंतजाम किए गए हैं. श्रद्धालुओं को खाने पीने को दिक्कत न हो, इसके लिए संगम जाने वाले रास्ते पर फूड कोर्ट बनाया गया है, जिसमें तकरीबन 10000 लोग एक साथ खाना खा सकते हैं. अलग-अलग व्यंजन मिल रहे हैं.