दीपावली (Diwali 2020) के त्योहार पर विघ्न विनाशक गणपति और धन की देवी लक्ष्मी (Maa Lakshami) की पूजा होती है. पूजा के लिए घर में लक्ष्मी-गणेश की नई मूर्तियों की स्थापना की जाती है. ज्योतिषविदों का कहना है कि लक्ष्मी और गणेश की मूर्ति खरीदते वक्त कई विशेष बातों का ध्यान रखना पड़ता है. गलत मूर्ति घर लाने पर कार्य भी अमंगल ही होते हैं.
गणेश जी की मूर्ति में जनेउ, रंग, सूंड, वाहन, अस्त्र-शस्त्र, हाथों की संख्या और आकृति जैसी कुछ खास बातों को ध्यान में रखकर खरीदनी चाहिए. बैठे हुए गणेश जी की प्रतिमा लेना शुभ माना जाता है. ऐसी मूर्ति की पूजा करने से धन लाभ होता है और काम-काज की रुकावटें दूर होती हैं.
गणेश जी को वक्रतुंड कहा जाता है. मूर्ति में उनकी सूंड बाईं ओर मुड़ी हुई होनी चाहिए. ऐसी प्रतिमा की पूजा करने से भगवान प्रसन्न होते हैं. हाथ में मोदक लिए हुए गणेश जी की मूर्ति सुख और संपत्ति का प्रतीक मानी जाती है.
दिवाली पर भगवान गणेश की मूर्ति खरीदते वक्त ध्यान रखें कि जिस मूर्ति में गणपति का वाहन यानी चूहा न हो ऐसी प्रतिमा की पूजा करने से दोष लग सकता है. इसलिए सवारी वाले गणेश जी ही खरीदें.
जब भी मां लक्ष्मी का पूजन विष्णु जी और गणेश जी के साथ करें तो हमेशा गणेश जी लक्ष्मी जी के दाहिने और विष्णु जी लक्ष्मी जी के बाएं होने चाहिए. सही तरीके से पूजन करने से माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्ति होती है. अगर आप किसी ऐसी ही तस्वीर या मूर्ति की पूजा करने वाले हैं, इस बात का खास ध्यान रखें.
पूजा के स्थान पर मां लक्ष्मी की दो मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए. लक्ष्मी मां की दो मूर्तियां आस-पास तो बिल्कुल ही न रखें. ऐसा करने से घर में कलह बढ़ सकते हैं.