Ganesh Visarjan 2022 Mantra: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को गणेशोत्सव का समापन होता है और भगवान गणेश का विसर्जन होता है. आज 9 सितंबर, शुक्रवार के दिन भगवान गणेश का विसर्जन हो रहा है. धर्म ग्रंथों के अनुसार श्री गणेश का विसर्जन नदी या तालाब में किए जाने का विधान है. विसर्जन से पहले घर पर भगवान गणेश का पूजन करना चाहिए. इसके बाद विसर्जन स्थल पर पूजन करना चाहिए. विसर्जन अगर आप इन मंत्रों से करेंगे तो आपकी सभी मनोकामना पूरी होगी. तो आइए जानते हैं उन मंत्रों के बारे में....
ऊँ गच्छ गच्छ सुरश्रेष्ठ, स्वस्थाने परमेश्वर|
यत्र ब्रह्मादयो देवा:, तत्र गच्छ हुताशन||
यान्तु देवगणा: सर्वे पूजामादाय मामकीम् |
इष्टकामसमृद्धयर्थं पुनर्अपि पुनरागमनाय च ||
ऊँ विनाकाय नम:
ॐ गं गणपतये नमः
पूजन विधि
विसर्जन से पहले स्थापित श्री गणेश प्रतिमा का सकंल्प मंत्र बोलें. उसके बाद विधिवत रूप से भगवान गणेश की पूजा करें. गणेश जी की मूर्ति पर सिंदूर चढ़ाएं. उसके बाद मंत्र बोलते हुए 21 दुर्वा-दल चढ़ाएं. 21 लड्डूओं का भोग लगाएं. इनमें से 5 लड्डू ब्राह्मणों को दें. उसके बाद भगवान गणेश से विदा होने की प्रार्थना करें. पूजा स्थान से गणपति की प्रतिमा को उठाएं और किसी दूसरी लकड़ी के पट्टे पर रखें साथ ही फल, फूल, मोदक, वस्त्र और दक्षिणा रखें. इन सब सामान को एक पोटली में बांधें और इस पोटली को गणेश जी के पास रख दें. उसके बाद साफ पानी में गणेश जी का विसर्जन कर दें.