हिंदू धर्म में गौरी पुत्र गणेश को सभी देवी-देवताओं से पहले पूजा जाता है. तुलसीदास जी ने विनय पत्रिका में गणेश स्तुति लिखी है. इस आसान-सी स्तुति को पूजा में गाकर पाएं गणपति का शुभ आशीर्वाद..
श्लोक :
ॐ गजाननं भूंतागणाधि सेवितम्,
कपित्थजम्बू फलचारु भक्षणम्।
उमासुतम् शोक विनाश कारकम्,
नमामि विघ्नेश्वर पादपंकजम्॥
स्तुति :
गाइये गनपति जगबंदन।
संकर-सुवन भवानी नंदन ॥ 1 ॥
गाइये गनपति जगबंदन।
सिद्धि-सदन, गज बदन, बिनायक।
कृपा-सिंधु, सुंदर सब-लायक ॥ 2 ॥
गाइये गनपति जगबंदन।
मोदक-प्रिय, मुद-मंगल-दाता।
बिद्या-बारिधि, बुद्धि बिधाता ॥ 3 ॥
गाइये गनपति जगबंदन।
मांगत तुलसिदास कर जोरे।
बसहिं रामसिय मानस मोरे ॥ 4 ॥
गाइये गनपति जगबंदन।