-जिनकी उपासना करके मृत्यु तक को जीता जा सके, शिव जी का वह स्वरुप है- मृत्युंजय. शिव जी इस स्वरुप में अमृत का कलश लेकर भक्त की रक्षा करते हैं. भगवान शिव के मृत्युंजय स्वरुप की उपासना से अकाल मृत्यु से रक्षा, आयु रक्षा, स्वास्थ्य लाभ और मनोकामना पूर्ति होती है. सावन के सोमवार को भगवान शिव के मृत्युंजय स्वरुप की उपासना करने के लिए शिव लिंग पर बेल पत्र और जलधारा अर्पित करें. इसके बाद शिवलिंग की अर्ध परिक्रमा करें, मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करें. देखिए ये वीडियो.
Mrityunjay is the form of Lord Shiva by worshipping whom even death can be conquered. In this form, Shiva protects the devotee by taking an urn of nectar. Worshipping the Mrityunjay form of Lord Shiva gives protection from premature death, protection of life, health benefits and fulfilment of wishes. Watch this video.