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साइंस न्यूज़

Jaguar फाइटर जेट की ताकत और खासियत, जानें...

03 अप्रैल 2025

गुजरात के जामनगर में भारतीय वायुसेना का जगुआर फाइटर जेट क्रैश हुआ. हादसे में एक पायलट शहीद हो गया. इस फाइटर जेट का इस्तेमाल भारत ने कई जंगों में किया है. खासतौर से कारगिल में. आइए जानते हैं इसकी ताकत...

Space से कैसा दिखता है South Pole? देखें...

03 अप्रैल 2025

साहसी निजी अंतरिक्ष यात्रियों का एक जत्था अंतरिक्ष की सैर पर गया हुआ है. इनमें से ही एक ने साउथ पोल ऑर्बिट से पहली बार अंटार्कटिका का बेजोड़ वीडियो बनाया, जिसे एलन मस्क ने भी अपने अकाउंट से शेयर किया है.

कैटी पेरी समेत 6 महिलाए जेफ बेजोस के स्पेस मिशन पर जाएंगी

सिंगर कैटी पेरी और जेफ बेजोस की मंगेतर समेत 6 महिलाओं की टोली जाएगी अंतरिक्ष

03 अप्रैल 2025

स्पेस जाने वाली इन महिलाओं में कैटी पेरी के अलावा पत्रकार गेल किंग, नासा की पूर्व रॉकेट साइंटिस्ट आयशा बॉवे, बायोएस्ट्रॉनोटिक्स रिसर्च साइंटिस्ट और सिविल राइट एक्टिविस्ट अमांडा न्यूगेन, फिल्ममेकर कैरिन फ्लिन और जर्नलिस्ट एवं हेलीकॉप्टर पायलट लॉरेन सांचेज शामिल हैं. लॉरेज दरअसल जेफ बेजोस की मंगेतर भी हैं. 

IAF pilot Shubhanshu Shukla

अंतरिक्ष में इतिहास रचेगा भारत, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के स्पेस स्टेशन जाने की तारीख आई सामने

02 अप्रैल 2025

शुभांशु शुक्ला की भागीदारी ग्लोबल स्पेस रिसर्च में भारत की बढ़ती भूमिका को दिखाती है, जो राकेश शर्मा के नक्शेकदम पर चल रही है, जिन्हें 1984 में अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय बनने का गौरव हासिल है.

Asteroid 2024 YR4

धरती से भले न टकराए Asteroid पर चांद को खतरा... जेम्स वेब की पड़ताल

01 अप्रैल 2025

जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने 2032 में पृथ्वी के पास से गुजरने वाले क्षुद्रग्रह 2024 वाईआर4 को देखा. उसकी गणना के अनुसार पृथ्वी सुरक्षित है, लेकिन चंद्रमा खतरे में हो सकता है. अगर चांद में कोई फर्क पड़ता है तो उसका असर धरती पर भी दिखाई देगा.

 IIT Kanpur Professor On Earthquake

भारत में भी म्यांमार जैसे भूकंप का खतरा? IIT कानपुर के साइंटिस्ट ने दी ये चेतावनी

01 अप्रैल 2025

India Earthquake Risk: म्यांमार जैसे भूकंप का खतरा भारत में भी नकारा नहीं जा सकता, यह बात आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिक ने कही है. उनका कहना है कि हमें बड़े भूकंपों की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए, बल्कि भारत में जोन 5 को ध्यान में रखना चाहिए.

पहली PC में Sunita Williams का दिखा हाई जोश

01 अप्रैल 2025

भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्षयात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विल्मोर ने अंतरिक्ष से वापस लौटने के बाद पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की. देखिए क्या कहा…

Sunita Williams

धरती पर लौटते ही सैंडविच ही क्यों खाया? सुनीता विलियम्स ने सुनाया पिता से जुड़ा किस्सा

01 अप्रैल 2025

अंतरिक्ष मे फंसे होने की वजह से मीडिया में चल रहे अलग-अलग तरह के नैरेटिव पर विलियम्स ने कहा कि यह एक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन प्रोग्राम था. हमें पता था कि चीजें गलत हो सकती है तो हम इसके लिए तैयार थे. बहुत सारे लोग प्रोग्राम पर नजर बनाए हुए थे. उन्हें पता था कि हमारी वापसी का सही वक्त कौन सा है. हम उसी फैसले का हम इंतजार कर रहे थे, जो बिल्कुल सही है.

Sunita Williams

स्पेस से भारत को देखने का अनुभव, धरती वापसी का एहसास... सुनीता विलियम्स की जुबानी अंतरिक्ष यात्रा की कहानी

01 अप्रैल 2025

सुनीता विलियम्स ने स्पेस से लौटने के बाद अपने पहले इंटरव्यू में कहा कि हमें घर पहुंचाने के लिए मैं नासा, बोइंग, स्पेसएक्स और इस मिशन से जुड़े सभी लोगों का आभार जताना चाहूंगी. हमें धरती पर लौटे हुए लगभग दो हफ्ते हो गए हैं. अब हमसे पूछा जा रहा है कि हम क्या कर रहे हैं? तो बता दूं कि हम नई चुनौतियों के लिए तैयारी कर रहे हैं. नए मिशन की तैयारी कर रहे हैं. मैं कल ही तीन मील दौड़ी हूं तो अपनी पीठ तो थपथपा ही सकती हूं.

Surya Grahan कब लगेगा, सूतक काल मान्य होगा?

28 मार्च 2025

Surya Grahan 2025 date, timing in India: कब लगेगा सूर्य ग्रहण? जानिए सूतक काल मान्य होगा या नहीं

Oxygen in Ancient Galaxy

अंतरिक्ष में मौजूद प्राचीन गैलेक्सी में मिला भारी मात्रा में ऑक्सीजन, वैज्ञानिक अबूझ पहेली में फंसे

24 मार्च 2025

बिग बैंग के बाद महज 30 करोड़ साल में बनी आकाशगंगा JADES-GS-z14-0 में ऑक्सीजन की अधिकता पाई गई है. अब सवाल यह उठ रहा है कि इतने कम समय में यहां ऑक्सीजन कैसे आया? वैज्ञानिक अबूझ पहेली में फंसे हुए है.

फिलहाल हम सभ्यता के सबसे निचले पैमाने पर हैं. (Photo- Getty Images)

Mars पर बसते हुए कौन से जोखिम आ सकते हैं हमारे सामने, क्या हैं तैयारियां?

21 मार्च 2025

महीनों से स्पेस में फंसी सुनीता विलियम्स को वापस लाने में नासा के साथ एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने भी खूब काम किया. अब मस्क पूरी तरह से मिशन मार्स पर ध्यान दे सकते हैं. वे काफी समय से मंगल पर इंसानी बस्ती की बात करते रहे, और इसके लिए एक टर्म भी इस्तेमाल करते हैं- टाइप 1 सिविलाइजेशन. हम अभी टाइप जीरो पर ही हैं.

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