दक्षिण अमेरिका के जंगलों में मिलने वाला बेयर-थ्रोटेड बेलबर्ड अपनी बेहद तेज आवाज के लिए चर्चा में है. इसकी आवाज 130 डेसिबल तक पहुंच सकती है. 123 पक्षियों पर हुई स्टडी में वैज्ञानिकों ने शरीर और चोंच के आकार से इसका खास कनेक्शन पाया है.
जापान के जंगलों में मिलने वाला यह अनोखा फूल पानी पड़ते ही अपना रूप बदल लेता है. सूखने पर इसकी पंखुड़ियां फिर सफेद हो जाती हैं. इसके पीछे छिपा है एक दिलचस्प वैज्ञानिक कारण.
म्यांमार के जंगलों में मिलने वाला यह दुर्लभ बंदर अपनी अजीब नाक की वजह से चर्चा में है. बारिश के दौरान नाक में पानी जाने पर इसके छींकने की बात कही जाती है. खतरे में पड़ी इस प्रजाति की कहानी भी काफी दिलचस्प है.
हिटलर परमाणु बम बनाना चाहता था, लेकिन उसके वैज्ञानिकों के पास जरूरी सामान ही कम पड़ गया. 664 यूरेनियम क्यूब्स की जांच, पुराने डॉक्यूमेंट्स और कंप्यूटर मॉडल ने अब बताया है कि नाजी जर्मनी की परमाणु योजना आखिर क्यों सफल नहीं हो सकी.
कहीं नदियों का बहाव घट रहा है तो कहीं बारिश बाढ़ बनकर तबाही मचा रही है. दुनियाभर में पानी को लेकर अलग-अलग समस्याएं सामने आ रही हैं. अब WMO की नई रिपोर्ट भारत समेत दुनियाभर में पानी के संकट की गंभीर समस्या दिखाती है.
अमेरिका के केप कॉड में डायमंडबैक टेरापिन का एक ऐसा नन्हा बच्चा मिला है, जिसके शरीर पर दो सिर हैं. यह बेहद दुर्लभ विकास से जुड़ी स्थिति है. खास बात है कि इलाके में पांच साल के अंदर ऐसा तीसरा कछुआ मिला है.
धरती के ऊपर हजारों स्टारलिंक सैटेलाइट घूम रहे हैं, लेकिन इन पर एक ऐसा खतरा मंडरा रहा है जिसे इंसान रोक नहीं सकता. सूरज की तेज गतिविधि ऊपरी वायुमंडल को फैला सकती है, जिससे सैटेलाइट्स तेजी से नीचे आने लगते हैं.
2026 का रसायन नोबेल हेनरी कागन और केंसो सोआई को मिला. उन्होंने बताया कि अणुओं का एक तरफा रूप कैसे बनता है. इससे दवा बनाने में मदद मिलेगी. जीवन की रसायन का पुराना रहस्य सुलझा.
एक छोटी सी आबादी, सीमित जंगल और ऊपर से जानलेवा बीमारी का खतरा... ब्लैक-फेस्ड लायन टैमरिन कई चुनौतियों से जूझ रहा है. अब वैज्ञानिकों ने येलो फीवर से इसकी रक्षा के लिए जंगल में ही वैक्सीन देने की शुरुआत की है.
प्रशांत महासागर में एक साथ तीन तूफान एक्टिव हैं. चोई-वान और नोलो टाइफून बन चुके हैं, जबकि कोगुमा तेजी से मजबूत हो रहा है. पांच साल बाद अक्टूबर में ऐसा दुर्लभ संयोग बना है, जिससे जापान के आसपास समुद्र में ऊंची लहरों का खतरा बढ़ा है.
एक लैब कर्मचारी की मौत के बाद रूस में प्लेग का डर बढ़ गया है. साइबेरिया में करीब 200 लोगों को निगरानी में रखा गया है. मामला लैब में टेस्ट ट्यूब टूटने से जोड़ा जा रहा है, लेकिन प्लेग की पुष्टि अब तक नहीं हुई है.
हर साल 5 सेंटीमीटर... भारतीय प्लेट तिब्बत की ओर लगातार बढ़ रही है. इस टक्कर से हिमालय के नीचे दबाव बन रहा है. नए रिसर्च ने उन छिपी संरचनाओं का भी पता लगाया है, जो भूकंप के खतरे को समझने में अहम हैं.
महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में 2026 के कमजोर मॉनसून और अल-नीनो के कारण भारी सूखा पड़ा है. महाराष्ट्र के 74 प्रतिशत तालुकों और आंध्र के आधे से ज्यादा मंडलों में सूखा घोषित है. फसलें मुरझाईं, पानी की कमी बढ़ी, स्वास्थ्य, खेती, कारोबार और अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है.
इंडोनेशिया के जंगलों और पीटलैंड में लगी आग से उठ रहा धुआं अब पड़ोसी देशों की हवा भी खराब कर रहा है. मलेशिया और सिंगापुर तक पहुंची धुंध ने चिंता बढ़ाई है. इस आग को भड़काने में सूखा मौसम और अल-नीनो बड़ी वजह हैं.
DRDO ने ऊंचाई पर निगरानी की दिशा में बड़ी कामयाबी हासिल की है. स्वदेशी HAPS 21 किलोमीटर तक पहुंचा और 20 किलोमीटर पर 30 मिनट से ज्यादा रहा. इस टेस्ट से भारत को लंबे समय तक हवा में रहने वाले प्लेटफॉर्म के विकास में मदद मिलेगी.
2026 भौतिकी नोबेल फ्रांसिस हाल्जन को आइसक्यूब न्यूट्रिनो ऑब्जर्वेटरी और हाई एनर्जी खगोलीय न्यूट्रिनो खोज के लिए मिला है. दक्षिण ध्रुव के बर्फ में सेंसर से ब्रह्मांड की ऊर्जावान प्रक्रियाओं का अध्ययन संभव हो पाया.
धान की कटाई के साथ पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए अब पंजाब और हरियाणा में निगरानी बढ़ा दी गई है. CPCB ने 34 जिलों में फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए हैं, जो खेतों की स्थिति पर रोज नजर रखेंगे और रिपोर्ट देंगे.
अमेरिकी वैज्ञानिक कार्ल डाइसरॉथ को 2026 के मेडिसिन नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. यह खबर मिलने के बाद उनके परिवार का रिएक्शन सामने आ रहा है. खास बात यह रही की नोबल प्राइज मिलने की खुशी के बावजूद कार्ल दोबारा बच्चों का लंच बनाने में जुट गए.
महाराष्ट्र में कम बारिश और घटते जल भंडार ने पानी की चिंता बढ़ा दी है. सूखे के खतरे और अल-नीनो के असर के बीच सरकार ने 16 अक्टूबर से शहरी इलाकों में 10% पानी कटौती का फैसला लिया है.
सफेद बालों से ढका यह छोटा सा मोथ पहली नजर में किसी पूडल जैसा दिखता है. 2009 में वेनेजुएला में इसकी तस्वीर सामने आई थी. खास बात यह है कि आज भी वैज्ञानिक इसकी पक्की प्रजाति पहचान नहीं कर पाए हैं.
इरकुत्स्क में अज्ञात निमोनिया से महिला की मौत के बाद उसके संपर्क में आए लोगों में से दो कोविड और दो राइनोवायरस पॉजिटिव मिले. लैब जांच में अन्य संक्रमण नहीं. दोनों वायरस सांस से फैलते हैं.