धरती के चारों तरफ मौजूद 1715 तारों का एलियंस चक्कर लगा रहे हैं. ये तारे धरती से 325 प्रकाश वर्ष की दूरी के अंदर ही मौजूद है. वैज्ञानिकों ने सौर मंडल का सर्वे करने के बाद यह दावा किया है इनमें से 1402 तारे ऐसे हैं जहां से एलियंस सीधे धरती की ओर देख रहे हैं. इनमें से 75 तारे ऐसे हैं जो धरती की ओर से भेजी गई रेडियो किरणों को पकड़ रहे हैं. आप इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि एलियंस धरती पर सौर मंडल में चारों तरफ से नजर रखे हुए हैं. (फोटोः फैंटेसी)
वैज्ञानिकों ने इस का आंकड़ा निकालने के लिए जिस तकनीक का उपयोग किया उसमें सबसे जरूरी था कि इन तारों और धरती के बीच आदान-प्रदान होने वाली रेडियो और अन्य प्रकार की किरणों का विश्लेषण. क्योंकि जहां भी एलियंस होते हैं वो इन रेडियो और अन्य किरणों को रोकते हैं. न्यूयॉर्क स्थित कॉर्नेल यूनिवर्सिटी की लीसा कालटेनेजर और अमेरिकन म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री की जैकी फैहर्टी ने गाइया स्पेस टेलिस्कोप (Gaia Space Telescope) के डेटा का एनालिसिस किया. (फोटोः गेटी)
लीसा और जैकी ने देखा कि सौर मंडल में धरती के चारों तरफ 1715 तारे ऐसे हैं जिनके चारों तरफ एलियंस की मौजूदगी दर्ज की जा रही है. इनमें से 1402 तारे ऐसी पोजिशन पर हैं, जहां से एलियंस सीधे धरती को देख सकते हैं. जब भी धरती सूरज और उन तारों के बीच से गुजरती है, एलियंस धरती पर निगरानी रखते हैं. जबकि 313 तारे ऐसी स्थिति में जो थोड़ा दूर हैं. लेकिन वो भी किसी न किसी तरीके से धरती से भेजी जा रही रेडियो तरंगों को रोकते या पकड़ते हैं. (फोटोः गेटी)
लीसा और जैकी ने गाइया स्पेस टेलिस्कोप के डेटा से 10 हजार सालों के लिए इन तारों के मूवमेंट का सिमुलेशन तैयार किया. इस सिमुलेशन से पता चला कि 10 हजार सालों में से 6914 सालों तक तारों के चारों तरफ चक्कर लगा रहे एलियंस धरती पर नजर रख रहे हैं. यह समय इतना ज्यादा है कि आराम से किसी ग्रह पर नजर रखी जा सकती है. अगर उन एलियंस के पास हमसे ज्यादा ताकतवर टेलिस्कोप हैं तो वो हमारी रेडियो तरंगों को कैप्चर कर सकते हैं. (फोटोः गेटी)
Aliens orbiting 1402 stars near Earth could be looking at us right now https://t.co/a0J9QOufGL pic.twitter.com/untpHMxc2J
— New Scientist (@newscientist) June 24, 2021
धरती से पिछले 100 सालों में जितनी भी रेडियो तरंगें अंतरिक्ष में भेजी गई हैं, उन्हें 75 तारों के आसपास रोका गया है. ये तारे धरती से काफी ज्यादा नजदीक है. दोनों शोधकर्ताओं ने अंदाजा लगाया है कि 1715 तारों के गोल्डीलॉक जोन में 500 पथरीली दुनिया है, जहां पर जीवन होने के संकेत हैं. इनमें से कुछ के बारे में वैज्ञानिकों को पता भी है. जबकि इनमें से कुछ तो धरती पर काफी प्रसिद्ध भी हैं. जैसे- The TRAPPIST-1 System, इसमें धरती के आकार के ग्रह हैं. ये सिस्टम तीन हजार सालों से ज्यादा समय से धरती पर नजर रख रहा है. (फोटोः गेटी)
लीसा कालटेनेजर ने कहा कि इंटेलिजेंट लाइफ की खोज के लिए एक्सोप्लैनेट्स सबसे सटीक स्थान हो सकते हैं. इनकी स्टडी करना थोड़ा मुश्किल जरूर है लेकिन उनका अध्ययन कई रहस्य खोलेगा. जब इंसान एलियंस की खोज में लगा है. अक्सर UFO देखे जाते हैं. अमेरिकी नेवी ने इसकी पुष्टि भी की है. तो ये बात तो पुष्ट है कि वो भी हमें देखते होंगे या देखने आते होंगे. लीसा और जैकी की यह स्टडी नेचर मैगजीन में प्रकाशित हुई है. (फोटोः गेटी)
लीसा ने कहा कि अगले 5000 सालों में 319 तारे ऐसी पोजिशन में आएंगे कि उसके चारों तरफ चक्कर लगाने वाले एलियंस धरती को सीधे देख सकेंगे. इतना ही नहीं धरती पर इंसानों की सभ्यता शुरु होने से लेकर अब तक एलियंस धरती और इंसानों की स्टडी भी कर रहे होंगे. क्योंकि ये सिर्फ देखने के लिए नजर नहीं रखेंगे. (फोटोः गेटी)
हाल ही में अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने हाल ही में UFO देखे जाने की खबरों को आंशिक रूप से सार्वजनिक किया था. ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी देश के रक्षा मंत्रालय ने ऐसा किया है. हालांकि, किसी भी देश में UFO का देखा जाना वहां की सुरक्षा के लिए खतरनाक माना जाता है क्योंकि इसमें दुश्मन देश की कोई चाल भी हो सकती है. हो सकता है कि कि देश ने अत्याधुनिक यान बनाया हो जो देखने में एलियन यान जैसा दिखता हो और वह जासूसी के मकसद से लॉन्च किया गया हो. इसलिए कई देश ऐसे UFO पर नजर रखने की कोशिश करते हैं. (फोटोः गेटी)
चीन में इन दिनों एलियन यान (Alien Spacecraft) यानी UFO देखने की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है. इसे ट्रैक करने के लिए चीन की सेना ने नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ट्रैकिंग सिस्टम बनाया है, ताकि इन एलियन यानों के आने-जाने पर नजर रखी जा सके. हालांकि, चीन की सेना ने यह भी कहा है कि जरूरी नहीं कि ये एलियन यान ही हों लेकिन सुरक्षा की नजर से इनका ट्रैक किया जाना जरूरी है. (फोटोः गेटी)
चीन की सेना ने ऐसी घटनाओं को अनआइडेंटीफाइड फ्लाइंग ऑब्जेक्ट (UFO) के बजाय अनआइडेंटीफाइड एयर कंडीशन (UAC) नाम दिया है. ठीक इसी तरह अमेरिकी सेना इसे अनआइडेंटीफाइड एरियल फिनोमेना (UAP) कहती है. लेकिन दुनियाभर की सेनाएं कुछ भी नाम दें, आम लोग तो इन्हें UFO या एलियन यान के नाम से ही जानते हैं. जिसे लेकर हमेशा एक उत्सुकता बनी रहती है. (फोटोः गेटी)
वुहान स्थित एयरफोर्स अर्ली वॉर्निंग एकेडमी के शोधकर्ता चेन ली ने बताया कि पिछले कुछ सालों में पूरे देश में मिलिट्री और आम लोगों ने ऐसे अनजाने यानों और आकृतियों को आसमान में उड़ते हुए देखा है जिसे पहले कभी नहीं देखा गया. चीन के ऊपर इनकी उड़ानों और दिखने की संख्या तेजी से बढ़ी है. इसकी वजह से देश की हवाई सुरक्षा को खतरा है. चेन ने 2019 में बीजिंग में हुए सीनियर इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी साइंटिस्ट कॉन्फ्रेंस में भी यह बात लोगों को बताई थी. (फोटोः अल्बर्ट एंटनी)