ये अब लगभग सभी जानते हैं कि दुनिया में ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) की वजह से ग्लेशियर पिघल रहे हैं. बोलिविया (Bolivia) के ऊंचे एंडियन पहाड़ों (Andean mountains) में, जहां बर्फ जमी रहती है, वो अब वैज्ञानिकों और पर्वतारोहियों की चिंता का विषय बन गए हैं, क्योंकि बोलिविया का ग्लेशियर पिघल रहा है. (फोटो: Pexels)
राजधानी ला पाज़ से लगभग 20 किलोमीटर दूर चारक्विनी ग्लेशियर (Charquini glacier), कॉर्डिलेरा रियल (Cordillera Real) में स्थित है. यह एक पर्वत श्रृंखला है जो अमेज़ॅन के तराई इलाकों और ऊंचे एंडियन पठार को बांटती है. Universidad Mayor de San Andrés (UMSA) और फ्रेंच रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर डेवलपमेंट के मुताबिक, यह ग्लेशियर तेजी से पिघल रहा है. हर साल इसकी लगभग 1.5 मोटी परत पिघल जाती है. (Photo: Reuters)
पिछले कुछ सालों में यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या भी बढ़ गई है. स्थानीय सरकार पर्यटकों से इसके लिए फीस लेती हैं. ग्लेशियर पर पर्यटकों की चहल-पहल बनी रहती है. इससे चिंतित वैज्ञानिकों का कहना है कि ग्लेशियर पर बढ़ रही गतिविधियों से ग्लेशियर और तेजी से पिघलेगा. UMSA में ग्लेशियोलॉजी के डॉक्टर एडसन रामिरेज़( Edson Ramirez) का कहना है कि यह बेहद संवेदनशील और असंतुलित ग्लेशियर है जो जल्द ही गायब होने वाला है. इसे संरक्षित करने की ज़रूरत है. (Photo: Reuters)
वैज्ञानिकों का कहना है कि कॉर्डिलेरा रियल (Cordillera Real) में ग्लेशियर 17वीं शताब्दी में छोटे हिमयुग के अंत में पिघलने शुरू हो गए थे. लेकिन पिघलने की प्रक्रिया को ग्लोबल वार्मिंग ने बहुत तेज कर दिया है. चारक्विनी ग्लेशियर पहले ही अपने मूल द्रव्यमान का तीन-चौथाई हिस्सा खो चुका है. (Photo: Unsplash)
हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि यह पहाड़ और ग्लेशियर सभी बोलिवियाई लोगों के हैं. उन्हें इनका आनंद लेना चाहिए. वहां के निवासी 'चोलिता' और प्रसिद्ध पर्वतारोही इवेट गोंजालेस का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग वास्तव में परेशान करने वाली बात है, लेकिन जब तक हमारे पास हमारे पहाड़ हैं, मैं चाहूंगी कि लोगों को यहां आना चाहिए और इनका आनंद लेना चाहिए. 'चोलिता' को उनके सिर पर लगे हेलमेट और रंगबिरंगी घेर वाली स्कर्ट से पहचाना जा सकता है. (Photo: Reuters)
UMSA के सैटेलाइट डेटा का विश्लेषण करने से पता चलता है कि हाल के दशकों में ग्लेशियर किस तरह पिघले हैं. बर्फ भी कम गिरी है, जिससे ग्लेशियर बड़े पैमाने पर बन नहीं पा रहे हैं. साथ ही, जलाशयों में भी गिरावट देखी जा रही है, जो एल ऑल्टो (El Alto) जैसे खास शहरों के लिए पानी का मुख्य स्रोत हैं. (Photo: Unsplash)
69 वर्षीय बर्नार्डो गुआराची 18 साल की उम्र से पहाड़ों पर रह रहे हैं. उनका कहना है कि 'यह ग्लेशियर बहुत पिघल गया है. यह हैरान करने वाली बात है. केवल चारक्विनी ही नहीं, बल्कि सभी पहाड़ों की स्थिति एक जैसी है. मुझे पहाड़ को इस तरह देखकर अच्छा नहीं लगता. इसका आधा हिस्सा पहले ही पिघल गया है.' (Photo: Reuters)
Scientists and climbers are fighting for the future of Bolivia’s Charquini glacier as it faces the threats of increasing tourism and climate change https://t.co/5nKpgNcbsq #EarthDay pic.twitter.com/tqH1xiCX91
— Reuters (@Reuters) April 22, 2022