अमेरिका के अलबामा के पास गल्फ कोस्ट में मौसम खराब था. घने काले बादलों से तीन जल बवंडर (Waterspouts) निकलते देखे गए. एक का भी दिखना दुर्लभ होता है. यहां पर तो तीन-तीन थे. ये जल बवंडर क्यों बनते हैं. इनसे कितना नुकसान हो सकता है. आइए जानते हैं इस दुर्लभ प्राकृतिक घटना के पीछे की वजह... (फोटोः गेटी)
जब किसी क्षेत्र में चारों तरफ से हवाएं चलकर किसी एक जगह पर आपस में मिलती हैं, तो वो गोलाकर घूमने लगती है. अगर ये हवाएं जमीन पर हैं, तो उसे बवंडर (Tornado) कहते हैं. ये अगर समुद्र के ऊपर हैं, तो इसे जल बवंडर या जल स्तंभ (Waterspouts) कहते हैं. जमीन पर हवा के साथ धूल, मिट्टी, पेड़, पौधे उड़ते हैं. जल बवंडर में मछलियां और नाव आदि उड़ते हैं. (फोटोः गेटी)
जल बवंडर की घटना बहुत कम और अचानक देखने को मिलती है. इसका कोई निश्चित समय या स्थान नहीं होता. इस वजह से वैज्ञानिक इसका ज्यादा अध्ययन नहीं कर पाए. जल बवंडर 15 से 20 मिनट या उससे ज्यादा देर का भी हो सकता है. यह नदी, समुद्र, सागर या महासागर में कहीं भी आ सकता है. (फोटोः गेटी)
WHOA! Unstable conditions near the Gulf Coast have led to multiple waterspouts forming. Three formed just in this view taken over Mobile Bay, AL.#GulfCoast #ALwx #Waterspout pic.twitter.com/R8QNtYryDU
— WeatherNation (@WeatherNation) June 20, 2022
जमीन पर बनने वाले बवंडर कभी छोटे होते हैं. तभी बेहद भयावह. लेकिन जल बवंडर जल्दी खत्म नहीं होते. जब दो या दो से अधिक जल बवंडर बनते है और उनमें 2 KM से कम का फासला होता है. फिर ये आपस में मिलकर बड़े टॉरनैडो में भी बदल सकते हैं. इनकी ऊंचाई कई सौ मीटर हो सकती है. (फोटोः गेटी)
इनका निर्माण हमारे आस-पास के दिखने वाले बादलों में नहीं होता है बल्कि कपासी बादलों (Cumulonimbus Clouds) से होता है जो बहुत कम दिखते है. यह उष्णकटिबंधीय या गरम इलाकों में ज्यादा देखने को मिलते है. फ्लोरिडा में 400 से अधिक बार देखने को मिला है. इसके अलावा यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा के इलाकों में देखने को मिलते हैं. (फोटोः गेटी)
एक जल बवंडर पानी को 1 या 2 मीटर से ज्यादा ऊपर नहीं उठा सकता पर जब भी जल बवंडर को देखा जाता है, ऐसा लगता है की पानी आसमान में जा रहा हो. इसकी चौड़ाई 50 मीटर तक हो सकती है. इसमें 80 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चलती है, जो सब से कमजोर जल बवंडर की गति मानी जाती है. (फोटोः गेटी)
जल बवंडर (Waterspouts) उस जगह पर बनता है, जहां पर बहुत अधिक नमी होती है. तापमान गर्म होता है. जहां पर जल बवंडर बनता है वहां पर पानी का ऊपरी हिस्सा काले रंग का हो जाता है. जल बवंडर धीरे-धीरे बनना शुरू होता है. वहीं उसकी शाखा बनने लगती है. फिर इसमें काले रंग के घूमने वाले छल्ले बनने लगते है. फिर वह अपने विकराल रूप में आ जाता है. पानी और बादलों के बीच ऐसा लगता है की कोई खोखला फ़नल या कुप्पी नाच रही हो.जैसे ही गर्म हवा का असर कमजोर होता है. यह जल बवंडर खत्म हो जाता है. (फोटोः गेटी)
जल बवंडर को आमतौर पर विनाशकारी माना जाता है. ये अपने साथ रेत के कण, छोटी तैरती चीजें, जीव, वस्तुएं, इंसान, जानवर और कभी-कभी छोटी नाव भी पानी के बवंडर में उड़ जाती हैं. अमेरिका की राष्ट्रीय मौसम सेवा जल बवंडर के आने की आशंका में चेतावनी जारी करती है. नावों, जहाजों और समुद्री तट पर रहने वाले लोगों के लिए खतरा पैदा करने के अलावा, जल बवंडर विमान को भी खतरे में डालते हैं. (फोटोः गेटी)