अगर आपको ऐसी बंदूक मिल जाए, जिसमें गोली चलते समय न रोशनी हो, न धुआं निकले. आवाज भी साइलेंसर लगी बंदूक जितनी हो तो आप क्या करेंगे. तैयार हो जाइए यह बंदूक जल्द ही बाजार में आने वाली है. यह एक कॉयल गन (Coilgun) है, जिसे गॉस राइफल (Gauss Rifle) भी कहा जाता है. यह इलेक्ट्रोमैग्नेटिक ताकत (Electromagnetic Power) पर गोली फायर करती है. (फोटोः ArcFlash Labs)
इस बंदूक का नाम है Gauss Rifle GR-1 Anvil. इसे बनाया है आर्कफ्लैश लैब्स (ArcFlash Labs) नाम की कंपनी ने. यह दुनिया की पहली हैंडहेल्ड गॉस राइफल है. कंपनी ने इस राइफल का प्री-ऑर्डर लेना शुरु कर दिया है. इस राइफल की कीमत है 3375 डॉलर्स यानी 2.50 लाख रुपये से थोड़ा ज्यादा. इसकी गोलियों का व्यास आधा इंच से भी कम है. (फोटोः ArcFlash Labs)
Gauss Rifle GR-1 के गोली की गति 240 फीट प्रति सेकेंड है. इसकी मैगजीन में 10 राउंड गोलियां आती हैं. एक बार चार्ज करने पर यह 40 राउंड फायर कर सकती है. लेकिन इसकी फायर करने की गति 100 राउंड प्रति मिनट है. यह किसी आम बंदूक की तरह खतरनाक नहीं है. लेकिन किसी को भी नजदीक से चोट पहुंचा सकती है. शर्त ये है कि इसकी गोलियां किस तरह की होती है. फिलहाल बदूंक निर्माता कंपनी ने इसकी गोलियों को नुकीला नहीं बनाया है. (फोटोः ArcFlash Labs)
Gauss Rifle GR-1 को 25v लिथियम-ऑयन बैटरी से ताकत मिलती है. इसके अंदर सात एडवांस्ड कैपेसिटर चार्जिंग सिस्टम हैं. जिनके ऊपर एक इल्क्ट्रोमैग्नेटिक कॉयल होती है. हर कैपेसिटर के ऊपर एक कॉयल. जब ये कॉयल चार्ज्ड होती है, तब गोली इनके अंदर से घूमते हुए बाहर निकलती है. (फोटोः ArcFlash Labs)
A company called ArcFlash Labs has started accepting pre-orders for its electromagnetic Gauss rifle GR-1 described as the “world’s first and only handheld Gauss rifle”.
— Interesting Engineering (@IntEngineering) February 16, 2022
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इस राइफल का अधिकतर हिस्सा थ्रीडी-प्रिंटिंग से बनाया गया है. राइफल में छोटी LCD स्क्रीन है, जो इसके चार्जिंग लेवल को बताती है. साथ ही गोली दागने के बाद बंदूक की स्थिति भी बताती है, जैसे कैपेसिटर की हालत कैसी है. कॉयल का तापमान कितना है. कितनी देर में कॉयल ज्यादा गर्म हो जाएगा. कितनी देर में दूसरी गोली दाग सकते हैं. (फोटोः ArcFlash Labs)
इलेक्ट्रोमैग्नेटिक गन (Electromagnetic Gun) में इलेक्ट्रिफाइड कॉयल होती हैं, जो बेहद ताकतवर मैग्नेटिक फील्ड बनाती है. इससे धातु की चीजें तेजी से बाहर निकलती हैं. ये धातु फेरोमैग्नेटिक (Ferromagnetic) प्रोजेक्टाइल का सहारा लेते हैं. इस तरह के बंदूकों में आमतौर पर गोलियां लोहे से भरपूर होती हैं. इसमें किसी तरह के बारूद का इस्तेमाल नहीं करते. (फोटोः ArcFlash Labs)