scorecardresearch
 
Advertisement
साइंस न्यूज़

SpaceX के स्टारशिप लॉन्च को क्यों कहा जा रहा है एलन मस्क की 'सफल असफलता'?

SpaceX Starship Elon Musk
  • 1/10

20 अप्रैल की शाम करीब सात बजे. बोका चिका स्थित स्पेस एक्स (SpaceX) के स्पेस पोर्ट से स्टारशिप (Starship) लॉन्च हुा. पहली बार सुपरहैवी रॉकेट के साथ स्टारशिप ने एकसाथ उड़ान भरी. स्टारशिप 2000 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से 35 किलोमीटर तक गया. फिर वह नीचे आने लगा. आना ही था. क्योंकि वह बेली फ्लिप कर रहा था. (सभी फोटोः एपी/रॉयटर्स)

SpaceX Starship Elon Musk
  • 2/10

बेली फ्लिप यानी पेट के बल लेट रहा था. इस दौरान ही सुपर हैवी रॉकेट को स्टारशिप से अलग होना था. लेकिन स्पेएसएक्स के इंजीनियरों को दिखाई पड़ा कि 33 में से कुछ इंजन काम नहीं कर रहे हैं. जिसकी वजह से स्टारशिप पहले स्टेज वाले सुपर हैवी बूस्टर रॉकेट से अलग नहीं हो पाया. तब इन दोनों को विस्फोट करके उड़ा दिया गया. (फोटोः ट्विट/NW Mike)

SpaceX Starship Elon Musk
  • 3/10

इस विस्फोट से दुनिया हैरान हो गई. लेकिन असफलता के पीछे बड़ी सफलता हाथ लगी. पहली बार दुनिया का सबसे बड़ा रॉकेट एकसाथ उड़ा. 35 किलोमीटर तक गया. ढेर सारा जरूरी डेटा मिला. इसलिए यह मिशन सफल रहा है. नासा के एडमिनिस्ट्रेटर बिल नेल्सन ने स्पेसएक्स और एलन मस्क को बधाई दी. कहा ये एक बड़ी सफलता है. 

Advertisement
SpaceX Starship Elon Musk
  • 4/10

बिल नेल्सन ने कहा कि हर बड़े अचीवमेंट के पीछे इस तरह के हादसों से गुजरना पड़ता है. पर ये एक सफलता है. सफलता इसलिए क्योंकि दोनों हिस्से अलग-अलग तो परफॉर्म कर चुके थे. लेकिन एकसाथ पहली बार उड़ान भरी गई. जो सफल रही. अगली उड़ान में सेपरेशन में आई दिक्कत को ठीक कर दिया जाएगा.

SpaceX Starship Elon Musk
  • 5/10

सिर्फ नासा प्रमुख ही नहीं, बल्कि खुद एलन मस्क, उनकी कंपनी के वैज्ञानिक भी इसे सफलता मान रहे हैं. विश्व प्रसिद्ध एस्ट्रोनॉटिकल इंजीनियरिंग प्रोफेसर और पूर्व नासा एस्ट्रोनॉट गैरेट रीसमैन ने कहा कि यह स्पेसएक्स की एक ऐतिहासिक सफल असफलता है. स्पेसएक्स ने स्टारशिप को उड़ाने के प्रयास में कई बार ऐसे झटके खाए हैं. 

SpaceX Starship Elon Musk
  • 6/10

गैरेट ने कहा कि हर असफलता से हम अगली लॉन्च को सफल बनाने का प्रयास करते हैं. इस उड़ान में कोई एस्ट्रोनॉट नहीं था. सुपर हैवी बूस्टर रॉकेट यानी रॉकेट के निचले हिस्से को मेक्सिको की खाड़ी में गिर जाना था. स्टारशिप को 241 किलोमीटर की ऊंचाई पर जाकर धरती का लगभग एक चक्कर लगाकर प्रशांत महासागर में गिरना था. 

SpaceX Starship Elon Musk
  • 7/10

सेपरेशन यानी दोनों को अलग होना था. हुए नहीं. इसलिए वो वापस जमीन पर गिरकर या खाड़ी में गिरकर जानमाल का नुकसान करते. इसलिए उन्हें हवा में ही उड़ा दिया गया. गैरेट ने कहा कि रॉकेट में लगा पैसा बर्बाद तो हुआ है, लेकिन उससे ज्यादा जरूरी है हमारे लोग. अगर दोनों गिरकर स्पेसएक्स बेस पर गिरते तो काफी ज्यादा नुकसान होता. 

SpaceX Starship Elon Musk
  • 8/10

गैरेट ने कहा कि हमारी इस असफलता से कोई एस्ट्रोनॉट्स को चंद्रमा और मंगल पर ले जाने की तारीख आगे नहीं बढ़ेगी. हम तो उस तारीख के और करीब पहुंच गए हैं. यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया के आउटर स्पेस इंस्टीट्यूट की फेलो प्लैनेटरी साइंटिस्ट तान्या हैरिसन कहती हैं कि इतने जटिल रॉकेट को पहली बार उड़ान ही बड़ा काम है. 

SpaceX Starship Elon Musk
  • 9/10

तान्या ने कहा कि अगर यह रॉकेट अंतरिक्ष में बेली फ्लिप कर रहा है यानी बहुत बड़ा काम हो रहा है. यह एक टेस्टिंग थी. कोई असली उड़ान नहीं थी. इसमें कोई इंसान नहीं बैठा था. जब कोई रॉकेट बनता है, तब कई तरह के एक्सीडेंट्स होते हैं. लेकिन उससे निराश होने की जरुरत नहीं है. इस रॉकेट की लॉन्चिंग से बहुत से लोग खुश हैं. 

Advertisement
SpaceX Starship Elon Musk
  • 10/10

नासा की प्लानिंग है कि वो स्टारशिप से मंगल ग्रह पर रखे सैंपल मंगाएगा. इसके अलावा अंतरिक्षयात्रियों को चांद और मंगल की यात्रा कराएगा. यह स्टारशिप रॉकेट चांद और मंगल पर बेस बनाने में भी मदद करेगा. जमीन पर भी यात्रा में मददगार होगा. यह सब अगले दस साल में संभव हो जाएगा. क्योंकि स्टारशिप ने उड़ान भर ली है. 

Advertisement
Advertisement