ये बात है उस समय की जब धरती पर जैव विविधता तेजी से बढ़ रही थी. यानी नए-नए जीवों की प्रजातियां विकसित हो रही थीं, खत्म भी हो रही थीं. इस समय को कैंब्रियन काल (Cambrian Period) कहते हैं. इसी समय एक समुद्री कीड़े ने जन्म लिया, जो पेनिस के आकार जैसा था. इसे कैंब्रियन पेनिस वॉर्म (Cambrian Penis Worm) कहा जाता था. यह अपने समय के सबसे खतरनाक शिकारियों में से एक था, लेकिन इसे खुद भी सुरक्षा की जरूरत थी. जानते हैं कैसे... (फोटोः झांग शिगुआंग)
कैंब्रियन काल 54.3 करोड़ साल से लेकर 49 करोड़ साल रहा है. यह ऐसा समय था जब धरती पर मौजूद सभी जीवों के पूर्वज विकसित हो रहे थे. उनमें से एक खतरनाक शिकारी था कैंब्रियन पेनिस वॉर्म था. जिसे प्रियापस (Priapus) कहते थे. प्रियापस का मतलब होता नर जननांगों (Male Genitals) के ग्रीक देवता. यानी सामान्य भाषा में पेनिस वॉर्म. यह एक ऐसा जीव है जो 50 करोड़ सालों से समुद्र में जीवित है. (फोटोः विकी)
अब आमतौर पर इस जीव की प्रजाति समुद्र की तलहटी में मिट्टी को खोदकर उनके अंदर रहते हैं. कई बार मछुआरें इनके पेनिस जैसे आकार को देख कर घबरा जाते हैं. लेकिन प्राचीन कैंब्रियन समय में ऐसा नहीं था कम से कम इनके जीवाश्म तो यही बताते हैं. तब इंसान भी विकसित हो रहा था और यह जीव भी. दोनों एकदूसरे से वाकिफ नहीं थे. लेकिन समुद्र के खतरनाक शिकारियों में से एक यह पेनिस कीड़ा बेहद जहरीला था. पर इसे भी छिपना होता था. (फोटोः विकिपीडिया)
पेनिस वॉर्म (Penis Worm) भी डरे रहते थे. हाल ही में जर्नल करेंट बायोलॉजी में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक वैज्ञानिकों को चार प्रियापुलिड जीवाश्म मिले हैं. जो आइसक्रीम कोन जैसे खोल में रहता था. इसे ह्योलिथ कोन शेल (Hyolith Cone Shell) कहा जाता है. इस शेल में रहने वाले जीव अब समुद्र से खत्म हो चुके हैं. पेनिस वॉर्म के जीवाश्म मिलने से कई नए खुलासे हुए हैं. हालांकि कैंब्रियन काल में ज्यादातर समुद्री जीव एक जैसे शेल में ही रहते थे, ताकि वो खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें. जैसे आज के हर्मिट केकड़े (Hermit Crab). (फोटोः झांग शिगुआंग)
वैज्ञानिकों का मानना है कि पेनिस वॉर्म (Penis Worm) ने ही प्राचीन समय हर्मिट केकड़े की जीवनशैली को करोड़ों साल पहले विकसित किया था. इसके बाद क्रस्टेशियंस (Crustaceans) जीवों ने ऐसी लाइफस्टाइल को कॉपी कर लिया. इंग्लैंड स्थित डरहम यूनिवर्सिटी में पैलियोटोंलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर मार्टिन स्मिथ ने कहा कि हमारे पास कोई स्पष्ट वजह नहीं है, लेकिन यह हमारा अंदाजा है, जो सही दिख रहा है. (फोटोः गेटी)
वैज्ञानिकों की टीम ने दक्षिणी चीन के गुआनशान के जीवाश्म डिपॉजिट से चार हर्मिट केकड़ों के पेनिस के जीवाश्म खोजे थे. ये जीवाश्म डिपोजिट 52.50 करोड़ साल पुराने हैं. इनमें से दांत और कोन शेल ही सुरक्षित नहीं थे बल्कि अंदर के टिश्यू यानी ऊतक भी सुरक्षित थे. ऐसा दुर्लभ प्रियापुलिड्स के जीवाश्म के साथ नहीं हो पाया. हर कोन के बेस में पेनिस वॉर्म (Penis Worm) अपने शरीर को टिका कर रखते थे. (फोटोः विकिपीडिया)
पेनिस वॉर्म (Penis Worm) कोन के बेस में अपने निचले हिस्से को छिपाकर रखते थे, मुंह और सिर को बाहर की ओर निकाल कर शिकार करने की फिराक में रहते थे. इसे देखकर ऐसे लगता है जैसे कोन के ऊपर रखी आइसक्रीम पिघल रही हो. स्टडी के मुताबिक वैज्ञानिकों ने ऐसे कई खाली कोन शेल खोजे हैं. लेकिन उसमें कोई जीव नहीं मिला. इसलिए वैज्ञानिकों को लगता है कि हर्मिट क्रैब के साथ कई अन्य क्रस्टेशिंयस जीवों ने यही तरीका बाद में अपनी सुरक्षा के लिए अपना लिया. कई अन्य नर्म शरीर वाले जीवों ने कोन शेल या किसी न किसी तरह का कवर अपने शरीर के ऊपर विकसित किया या खोजकर उसमें छिप गए. (फोटोः विकिपीडिया)