हम सदियों से इस पृथ्वी पर रह रहे हैं. दूसरे ग्रहों को जानने की हमारी जिज्ञासा हमें चांद तक ले गई है. अब वैज्ञानिक मंगल पर भी कदम रखने वाले हैं. इन सबके बीच कई सवाल दिमाग में आते हैं कि क्या दूसरे ग्रहों पर भी जीवन है? क्या दूसरे ग्रहों पर भी इंसान वैसे ही रह सकता है जैसे पृथ्वी पर रहता है? दूसरे ग्रहों पर इंसान सामान्य तौर पर कितनी देर तक रह सकता है? (Photo: Pixabay)
सबसे पहले तो यह जान लें कि हमारी पृथ्वी जैसा दूसरा कोई ग्रह नहीं है. पृथ्वी एक खूबसूरत जगह है. रंगीन सूर्यास्त, समुद्री हवाएं, यहां रहने वाले जीव, बारिश, बर्फ, हर चीज बहुत प्यारी है. किसी दूसरे ग्रह से तुलना करें, तो पृथ्वी पर जीवन सबसे बेहतर है. (Photo: Arek Socha/ Pixabay)
अमेरिकी खगोल वैज्ञानिक (Astrophysicist) नील डीग्रेसे टायसन (Neil deGrasse Tyson) के मुताबिक, सौर मंडल में कहीं भी जाने के लिए एक चीज़ सबसे जरूरी है, यह है स्पेससूट (Spacesuit). अंतरिक्ष में बिना स्पेससूट के कहीं भी जाना घातक होगा, इसलिए स्पेस सूट पहनना बेहद ज़रूरी है. आपको यह जानकर हैरानी होगी कि पृथ्वी के अलावा कोई भी ऐसी जगह नहीं है, जहां आप दो मिनट से ज्यादा समय तक जीवित रह सकें. (Photo: Sumit Kumar Sahare/Pixabay)
सूर्य (Sun)
शुरुआत करते हैं सूर्य से. नासा (NASA) के मुताबिक, सूर्य का तापमान सतह पर लगभग 2.7 करोड़ डिग्री फ़ारेनहाइट (1.5 करोड़ डिग्री सेल्सियस) और कोर पर करीब 10,000 ºF होता है. एक सेकंड के हर 15 लाखवें हिस्से में, सूर्य इतनी ऊर्जा छोड़ता है, जितनी पृथ्वी को पूरे एक साल के लिए पर्याप्त होगी. ऐसे में इसकी कल्पना करना ही व्यर्थ है कि आप सूरज पर जा सकेंगे. इसके करीब जाने से ही आप भुन जाएंगे. आप वाष्प बन जाएंगे. तो सूर्य, जाने के लिए एक अच्छी जगह नहीं है. यहां कोई जाए तो एक सेकंड से भी कम समय से ज्यादा नहीं रुक सकेगा. (Photo: Gerd Altmann/Pixabay)
बुध (Mercury)
बुध ग्रह का वह पक्ष जो सूर्य के सामने होता है, वह बेहद गर्म होता है (800 ºF / 427ºC). जबकि बुध का पिछला पक्ष बर्फ से जमा हुआ है, जहां तापमान शून्य -179ºC रहता है. अगर आप दोनों तापमानों के बीच की रेखा पर जाते हैं, तो आप तब तक जीवित रह सकते हैं, जब तक आप अपनी सांस रोक सकें. यानी यहां आप करीब दो मिनट तक जिंदा रह सकते हैं. (Photo: Bruno Albino/Pixabay)
शुक्र (Venus)
शुक्र ग्रह का तापमान भी 900 ºF (482ºC) है. इसलिए यहां भी इंसान का हाल सूर्य पर जाने जैसा ही होगा. हालांकि, शुक्र पर पृथ्वी की तरह ही गुरुत्वाकर्षण है, इसलिए वहां आराम से घूमा जा सकता है, लेकिन आप वहां तभी तक घूम सकते हैं जब तक आप भाप नहीं बन जाते. एक सेकंड से भी कम समय से ज्यादा नहीं रुका जा सकता. (Photo: Pixabay)
मंगल (Mars)
टायसन कहते हैं कि मंगल ग्रह बहुत ठंडा है, लेकिन वहां हवा बहुत पतली है, इसलिए ठंड की तीव्रता उतनी नहीं होगी जितनी उस तापमान पर, पृथ्वी पर महसूस होती है. मंगल पर रहने के लिए आपको काफी गर्म कपड़ों की जरूरत होगी. यहां भी आप उतनी ही देर तक रह सकते हैं, जितनी देर तक अपनी सांस रोक सकें. यानी यहां भी इंसान करीब दो मिनट तक ही जिंदा रह सकता है. (Photo: Pixabay)
बृहस्पति (Jupiter)
बृहस्पति पर कई तरह की गैस हैं. इसे 'Gas giant' भी कहा जाता है. यहां वातावरण शुष्क है जो हाइड्रोजन, हीलियम, मीथेन और अमोनिया गैस के मिश्रण से बना है. यहां ऑक्सीजन नहीं है. खास बात यह है कि इस ग्रह की कोई ठोस सतह नहीं है, जहां कोई चीज टिक सके. यह गैस के बादल जैसा है. इसलिए बृहस्पति पर जीवन इतना भी आसान नहीं होगा. यहां गैसों के दबाव में ही इंसान का मौत हो जाएगी. यहां भी एक सेकंड से ज्यादा रुका नहीं जा सकता. (Photo: NASA)
शनि (Saturn), यूरेनस (Uranus) और नेपच्यून (Neptune):
बृहस्पति की ही तरह, शनि, यूरेनस और नेप्च्यून गैस के गोले हैं. कोई यहां जाएगा तो गैसों के दबाव की वजह से जिंदा नहीं बच पाएगा. यहां भी कोई रह नहीं सकता. (Photo: Pixabay)