क्या आपको पता है धरती पर कितने पक्षी रहते हैं? किन पक्षियों की आबादी सबसे ज्यादा है? क्या इनकी भी गणना होती है? जी हां. पक्षियों की आबादी का पता लगाया जाता है. ये भी जानकारी जुटाई जाती है कि किस प्रजाति के पक्षी दुनिया में सबसे ज्यादा हैं. आप हैरान हो जाएंगे ये जानकर एक ऐसे पक्षी की आबादी दुनिया में सबसे ज्यादा है, जो आजकल हमें मुश्किल से देखने को मिलती है. इसे लेकर कई रिसर्च भी हुए लेकिन आबादी तो है. आइए जानते हैं इन सवालों के जवाब... (फोटोःगेटी)
धरती पर कुल मिलाकर 50 बिलियन यानी 5000 करोड़ पक्षी रहते हैं. लेकिन सिर्फ चार प्रजातियां ही ऐसी हैं जो इस पूरी आबादी का ज्यादा हिस्सा बनाती हैं. क्योंकि ज्यादातर प्रजातियां दुर्लभ हो रही हैं. साथ ही कुछ विलुप्त प्राय होने की कगार पर हैं. जिन चार प्रजातियों के पक्षी सबसे ज्यादा हैं- उनमें पहले स्थान पर है घरेलू गौरैया (House Sparrows). इसके बाद यूरोपियन स्टारलिंग्स (European Starlings), तीसरे नंबर पर है रिंग-बिल्ड गुल्स (Ring-Billed Gulls) और चौथे पर है बार्न स्वैलोस (Barn Swallows). इन चारों प्रजातियों की आबादी 1000 करोड़ से ज्यादा है. (फोटोःगेटी)
वहीं, दूसरी तरफ 1180 प्रजातियां ऐसी हैं, जिनमें हर एक में करीब 5000 पक्षी ही बचे हैं. यानी ये दुर्लभ हैं या फिर इनकी प्रजाति खत्म होने के कगार पर है. ऑस्ट्रेलिया स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ वेल्स के पोस्ट-डॉक्टोरल फेलो कोरी कैलेगन ने पक्षियों की आबादी की गणना की है. कोरी ने बताया कि प्रकृति हमेशा दुर्लभ प्रजातियों से ज्यादा प्यार करती है. इसलिए उनके संरक्षण की व्यवस्था खुद कर देती है. कई दुर्लभ पक्षी अमेजन जैसे दुनिया के कई जंगलों में रहते हैं. हमारी किस्मत अच्छी है कि हमारे पास उनका डेटा है. (फोटोःगेटी)
There are 1.3 billion European starlings on Earth. House sparrows are the only wild birds that are more numerous https://t.co/zBMaBVMAol pic.twitter.com/28qtQIzJtf
— New Scientist (@newscientist) May 21, 2021
कोरी और उनके साथियों ने जो रिसर्च की उसमें पता चला कि धरती पर हर इंसान के ऊपर छह पक्षी हैं. इससे पहले पक्षियों की प्रजातिवार आबादी की गणना 24 साल पहले हुई थी. तब बताया गया था कि इनकी आबादी 20 से 40 हजार करोड़ के बीच है. ये आंकड़े बहुत ज्यादा थे. जबकि इस बार की गणना में काफी कम पक्षी गिने गए हैं. हुआ ये है कि इस बार बहुत जटिल प्रक्रियाओं और मैकेनिज्म के साथ पक्षियों की आबादी गिनी गई है. जो ज्यादा सटीक है. (फोटोःगेटी)
कोरी ने सिटिजल साइंस डेटा से पक्षियों के आंकड़े निकाले. ये आंकड़े ऑनलाइन डेटाबेस ईबर्ड (Online Database ebird) पर उपलब्ध हैं. इसके आधार पर उन्होंने एक मॉडल तैयार किया. जिस पर विश्लेषण करके विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों की संख्या का पता किया. अपनी रिपोर्ट को पुख्ता करने के लिए कोरी और उनकी टीम ने 724 प्रजातियों का अलग-अलग अध्ययन भी किया. इस मॉडल से पता चला कि दुनिया में 9700 प्रजाति के 5000 करोड़ पक्षी हैं. (फोटोःगेटी)
इंग्लैंड की रॉयल सोसाइटी फॉर द प्रोटेक्शन ऑफ बर्ड्स के रिचर्ड ग्रेगरी ने कहा कि सिटिजन साइंस साइटिंग और उसके आधार पर की गई रिसर्च की अलग ताकत और कमजोरी होती है. ebird के पास उष्णकटिबंधीय इलाकों के पक्षियों की आबादी की पूरी जानकारी नहीं है. जबकि गर्म या ठंडे इलाकों में रहने वाले पक्षियों की जानकारी है. (फोटोःगेटी)
रिचर्ड ने बताया कि रेड बिल्ड क्यूलिया (Red Billed Quelea) को धरती पर सबसे ज्यादा आबादी वाला पक्षी माना जाता है. जबकि कोरी और उनके साथियों के रिसर्च में इसकी आबादी सिर्फ 9.50 करोड़ ही बताई गई है. दूसरा उदाहरण ये हैं कि इस रिसर्च में आइवरी-बिल्ड वुडपेकर्स (Ivory-Billed Woodpeckers) की आबादी 500 बताई गई है, जबकि ये प्रजाति दुनिया से खत्म हो चुकी है. (फोटोःगेटी)
रिचर्ड ने कहा कि ऐसी गलतियां कम जानकारी वाले लोगों द्वारा पक्षी देख कर डेटा रिकॉर्ड करने से होती हैं. या फिर इनका गलत डेटा डाउनलोड कर दिया जाता है. जिसे बाद में रिव्यू करने के बाद हटाया जाता है. हालांकि, रिचर्ड की बात को पूरी तरह से खारिज न करते हुए कोरी कैलेगन ने कहा कि किसी एकाध प्रजाति की संख्या पर सवाल उठाने से पूरी गणना गलत नहीं हो जाती. (फोटोःगेटी)
कोरी कैलेगन ने कहा कि इंसान चाहे तो पक्षियों की आबादी को सुधारने का काम कर सकता है. इसके लिए और रिसर्च करने की जरूरत है और नए संरक्षण वाले कदम उठाने होंगे. सबसे पहले तो इंसानों को जंगल काटना बंद करना होगा. या फिर कोई ऐसी जगह बनानी होगी जहां ये पक्षी आराम से अपना जीवन बिता सकें. वो भी इस धरती पर रहते हैं, इसलिए उन्हें मारने या उनका घर उजाड़ने का अधिकार इंसानों को नहीं है. (फोटोःगेटी)