Iceland का रेकजेन्स प्रायद्वीप इस समय एक नई प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है. यहां जमीन के नीचे गर्म लावा बहता हुआ मिला है. मैग्मा के बहाव की वजह से भूकंप आ रहे हैं. सड़कों पर दरारें पड़ रही हैं. रास्ते धंस रहे हैं. पार्क धंस गए हैं. वैज्ञानिकों को अंदेशा है कि अगले कुछ दिनों में यहां पर कई बार भूकंप आ सकते हैं. ज्वालामुखी विस्फोट हो सकता है. (सभी फोटोः रॉयटर्स)
असल में रेकजेन्स प्रायद्वीप के ग्रिंडाविक द्वीप को पूरी तरह से खाली करा दिया गया है. ग्रिंडाविक पर ही ज्वालामुखी विस्फोट की आशंका है. यहां से तीन हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है. आइसलैंड के मौसम विभाग के मुताबिक जिस हिसाब से जमीन के नीचे मैग्मा का बहाव है, उससे लगता है कि भयानक ज्वालामुखी विस्फोट होने वाला है.
पिछले 24 घंटों में ज्वालामुखी विस्फोट की आशंका ज्यादा हो गई है, क्योंकि लावा का बहाव, गर्मी, दरारें, धंसाव देखकर ये अंदाजा लगाया जा रहा है कि अगले कुछ ही दिनों में यहां पर ज्वालामुखी फटेगा. ग्रिंडाविक द्वीप मछुआरों का कस्बा है. यहां पर मछलियों का व्यापार होता है. यहां रहने वाले सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है.
रेकजेन्स इलाके में जहां लोग नहीं रहते, वहां हाल के वर्षों में कई बार ज्वालामुखी विस्फोट हुआ है. लेकिन ऐसा पहली बार हो रहा है कि ग्रिंडाविक द्वीप पर ज्वालामुखी विस्फोट की आशंका है. इसलिए यहां से लोगों को हटा दिया गया है. ग्रिंडाविक की जमीन के नीचे 10 km लंबाई में लावा बह रहा है. जिसकी गहराई करीब 800 मीटर है.
इस लावा बहाव से पैदा हुए भूकंपों की वजह से आइसलैंड के प्रमुख पर्यटन स्थल ब्लू लगून जियोथर्मल स्पा को बंद कर दिया गया है. रेकजेन्स इलाका राजधानी रेकजाविक से दक्षिण-पश्चिम में है. यह इलाका भूकंप और ज्वालामुखी के लिए ही जाना जाता है. दो साल पहले मार्च में यहां पर बड़ा ज्वालामुखी विस्फोट हुआ था.
2021 हुआ ज्वालामुखी विस्फोट छह महीने तक लावा उगलता रहा. इसके बाद अगस्त 2022 में फिर एक विस्फोट हुआ, जिसका लावा तीन हफ्ते तक बहता रहा. इसके बाद इस साल जुलाई में भी एक विस्फोट हुआ था.