शिवाजी राजा भोसले यानी छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति का अनावरण आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. मूर्ति नौसेना के पूर्व गढ़ सिंधुदुर्ग में लगाई गई है. आज भी यहां पर नौसैनिक गतिविधियां होती रहती हैं. शिवाजी ने 1674 में पश्चिमी भारत में मराठा साम्राज्य की स्थापना की. साथ ही समुद्री जंग के लिए नौसेना भी तैयार की. (फोटोः गेटी)
उन्होंने कोंकण से लेकर गोवा तक के समुद्री किनारों पर मजबूत नौसेना तैनात कर दी थी. ताकि इन बंदरगाहों से सुरक्षित व्यापार हो सके. शिवाजी की नौसेना इतनी ताकतवर थी कि ब्रिटिश, पुर्तगाली और डच सेनाएं भी हार जाती थीं. शिवाजी ने जंगी जहाजों के अलावा कल्याण, भिवंडी और गोवा में जहाजों का निर्माण करवाते थे. (फोटोः विकिपीडिया)
उन्होंने कई समुद्री किले भी बनवाए ताकि इन जहाजों की मरम्मत तट के किनारे ही हो सके. उसी में एक है सिंधुदुर्ग. इसी सिंधुदुर्ग के राजकोट किले में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिवाजी महाराज की मूर्ति का अनावरण करेंगे. इसके बाद भारतीय नौसेना उनके सामने ऑपरेशनल डिमॉन्सट्रेशन करेगी. अपनी ताकत और क्षमता का प्रदर्शन करेगी. (फोटोः PTI)
इस मौके पर नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार मौजूद रहेंगे. इस प्रदर्शन के दौरान 20 जंगी जहाज, MiG-29K और नौसैनिक लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट समेत 40 विमान भाग लेंगे. इसके अलावा नौसेना के सबसे शानदार मार्कोस कमांडो की ताकत का प्रदर्शन होगा. (फोटोः PTI)
भारतीय नौसेना परमाणु युद्ध रोकने, सीलिफ्ट, फोर्स प्रोजेक्शन और नेवल वॉरफेयर के लिए बनाई गई है. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा, केरल, लक्षद्वीप, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक और गुजरात के सेंटर एम्यूनिशन सपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, मेंटेनेंस सपोर्ट, मार्कोस बेस, एयर स्टेशन, फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस, सबमरीन और मिसाइल बोट बेस आदि पर काम करते हैं. (फोटोः PTI)
भारतीय नौसेना के पास 75 हजार रिजर्व, 67,252 सक्रिय जवान हैं. 300 एयरक्राफ्ट है, 150 जहाज और सबमरीन हैं. 4 फ्लीट टैंकर्स हैं. एक माइन काउंटरमेजर वेसल हैं. 24 कॉर्वेट्स हैं. आईएनएस विक्रांत और आईएनएस विक्रमादित्य नाम के दो एयरक्राफ्ट कैरियर हैं. भारतीय नौसेना दुनिया की टॉप टेन नेवी में सातवें नंबर पर है. (फोटोः PTI)
एक बैलिस्टिक मिसाइल सबमरीन हैं. एक न्यूक्लियर पावर्ड अटैक सबमरीन है. 14 फ्रिगेट्स, 10 डेस्ट्रॉयर्स, 8 लैंडिंग शिप टैंक्स, 1 एंफिबियस ट्रांसपोर्ट डॉक हैं. कई छोटे पेट्रोल बोट्स हैं. भारतीय नौसेना के पास स्वदेशी और विदेशी मिसाइलों की भरमार है. इनमें सबमरीन से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है. जहाज से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है. (फोटोः PTI)
क्रूज और एंटी-शिप मिसाइल, हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें नौसेना के पास हैं. टॉरपीडोस हैं. रॉकेट लॉन्चर्स हैं. 100 मिलिमीटर की AK 190 गन से लेकर KH-35E क्वाड उरान और ASW आरबीयू-2000 आदि हैं. दुनिया की सबसे तेज चलने वाली क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस से लैस है भारतीय नौसेना. (फोटोः PTI)
वरुणास्त्र जैसे हैवीवेट टॉरपीडो भी हैं. फिलहाल भारतीय नौसेना के पास दो परमाणु ऊर्जा संचालित बैलिस्टिक मिसाइल सबमरीन हैं. 16 पारंपरिक अटैक पनडुब्बियां हैं. 2 एयरक्राफ्ट कैरियर हैं. सात लैंडिंग शिप टैंक्स हैं. 8 लैंडिंग क्राफ्ट्स हैं. 11 गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर हैं. 12 गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट्स हैं. (फोटोः PTI)