अस्त्र मिसाइल (Astra Missile) हवा से हवा में मार करने वाली स्वदेशी मिसाइल है. जो बेयॉन्ड विजुअल रेंज हमला करने में सक्षम है. यानी जहां किसी फाइटर जेट या अटैक हेलिकॉप्टर का पायलट देख सकता है, उसके बाद भी सटीक निशाना लगाने में माहिर है. हाल ही में तेजस फाइटर जेट से इसकी फायरिंग की गई. (फोटोः आईडीआरडब्ल्यू/ट्विटर)
तेजस फाइटर जेट ने 20 हजार फीट की ऊंचाई से मिसाइल दागी, जो टारगेट पर जाकर सटीकता से लगी. मिसाइल के परीक्षण को एयरोनॉटिकल डेवलमेंट एजेंसी, डीआरडीओ, एचएएल, सेंटर फॉर मिलिट्री एयरवर्दीनेस एंड सर्टिफिकेशन और एयरोनॉटिकल क्वालिटी एस्योरेंस के अधिकारी मौजूद थे.
अस्त्र मिसाइल फिलहाल ट्रायल फेज में हैं. लेकिन इसके ताकत की गूंज पूरे एशिया में फैल चुकी है. इसमें ऑप्टिकल प्रॉक्सीमिटी फ्यूज लगा है. यानी यह मिसाइल टारगेट पर नजर रखती है. वह कितना भी दाएं-बाएं हो, उससे टकराकर फट जाती है. या फिर जैसे ही टारगेट तय दूरी से नजदीक आता है. यह विस्फोट कर जाती है. (फोटोः गेटी)
अस्त्र मिसाइल का वजन 154 किलोग्राम है. लंबाई 12.6 फीट है. व्यास 7 इंच है. इसमें हाई-एक्सप्लोसिव या प्री-फ्रैगमेंटेड एचएमएक्स हथियार लगा सकते हैं. यह मिसाइल अपने साथ 15 KG का हथियार ले जा सकती है. इस मिसाइल में ड्यूल थ्रस्ट पल्स्ड रॉकेट मोटर लगा है, जो इसे ज्यादा तेज स्पीड देता है.
अस्त्र मिसाइल की रेंज 160 किलोमीटर है. यह अधिकतम 66 हजार फीट की ऊंचाई तक जा सकती है. इस मिसाइल की सबसे घातक बात इसकी स्पीड है. यह 5556.6 km/घंटा की रफ्तार से दुश्मन की ओर जाती है. यानी दुश्मन को बचने का मौका नहीं मिलेगा.
अस्त्र मिसाइल की खास है कि इसे टारगेट की ओर छोड़ने के बाद बीच हवा में इसकी दिशा को बदला जा सकता है. क्योंकि यह फाइबर ऑप्टिक गाइरो बेस्ट इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम पर चलती है. यानी इसमें हम डेटा लिंक के जरिए निर्देश देकर मिड-कोर्स अपडेट कर सकते हैं.
अभी इस मिसाइल के पहले वैरिएंट को मिग-29यूपीजी/मिग-29के, सुखोई सू-30एमकेआई, तेजस एमके.1/1A में लगाया गया है. भविष्य में इस मिसाइल को तेजस एमके 2, एएमसीए, टेडबीएफ फाइटर जेट्स में भी लगाया जाएगा. भारतीय वायुसेना पुरानी माइका मिसाइल की जगह स्वदेशी अस्त्र पर भरोसा जता चुकी है.
अस्त्र मिसाइल को DRDO ने डिजाइन किया है. बेयॉन्ड विजुअल रेंज यानी जो टारगेट नजरों से नहीं दिखते, उन्हें मार गिराने में यह मिसाइल काम आती है. ऐसी मिसाइलें फाइटर जेट को स्टैंड ऑफ रेंज प्रदान करते हैं. स्टैंड ऑफ रेंज का मतलब होता है कि दुश्मन की तरफ मिसाइल फायर करके खुद उसके हमले से बचने के लिए सही समय मिल जाता है.
इस मिसाइल के बाद अस्त्र एमके 3 बनाई जाएगी जिसकी रेंज 350 किलोमीटर होगी. यानी इतने अलग-अलग रेंज और वैरिएंट्स के साथ जब भारतीय फाइटर जेट सीमा या युद्ध क्षेत्र पर जाएंगे, तो उनकी गर्जना सुनकर ही दुश्मन की हालत खराब हो जाएगी. अस्त्र की गति इसे किसी भी रडार में आने से बचाती है.
इसके अलावा तेजस में तीन और मिसाइलें भी लगी हैं. पहली डर्बी-बीवीआर, दूसरी आर-73 एसआरएएएम और पाइथन-5 सीसीएम. डर्बी और पाइथन एक ही फैमिली की मिसाइल हैं. लेकिन काफी अंतर होता है. यह भी बेयॉन्ड विजुअल रेंज की मिसाइल है. यह 4771 km/घंटा की गति से हमला करती है. रेंज 50 किलोमीटर होती है.