लोलिता (Lolita) एक ओर्का है. यानी किलर व्हेल. इसे 1970 में सिएटल के पास से पकड़ा गया था. स्थानीय लोग इसे टोकी बुलाते थे. स्थानीय अमेरिकी व्हेल को टोकिटे पुकारते हैं. लेकिन यह तब से अब तक कैद में थी. लोलिता दुनिया की सबसे पुरानी किलर व्हेल है, जो एक्वेरियम में परफॉर्म कर रही है. (सभी फोटोः गेटी/रॉयटर्स)
लोलिता को फ्लोरिडा सी-एक्वेरियम में रखा गया था. हर दिन हजारों लोग उसे देखने आते थे. लोलिता कमजोर या दुबली-पतली नहीं है. उसका वजन 2268 किलोग्राम है. अब उसकी आजादी के दिन आ गए हैं.
जल्द ही लोलिता को खुले समुद्र यानी उसके प्राकृतिक निवास स्थान पर छोड़ दिया जाएगा. लोलिता की उम्र 57 साल है. अब उसे एक्वेरियम में परफॉर्म करने से रोक दिया गया है. रिटायर कर दिया गया है. इसे अगले दो साल में प्रशांत महासागर में छोड़ दिया जाएगा.
लोलिता को खुले समुद्र में छोड़ने के लिए अमेरिकी सरकार की अनुमति ली जा रही है. मियामी-डेड काउंटी मेयर डेनिएला लेवीन कावा ने कहा कि उसे समुद्र में छोड़ने से पहले कई तरह की कागजी कार्यवाही करनी होगी.
सबसे पहले एक्वेरियम का मालिकाना हक द डॉल्फिन कंपनी को देना होगा. यह कंपनी एक गैर-सरकारी संस्था के साथ मिलकर व्हेल मछलियों का इलाज करती है. उन्हें बचाती और रेस्क्यू करती है.
लोलिता अभी जिस एक्वेरियम में है उसके मालिक यानी सीवर्ल्ड एंटरटेनमेंट ने साल 2016 में किलर वहेल्स से परफॉर्म कराना बंद कर दिया था. एक समय में लोलिता इस एक्वेरियम की सबसे पसंदीदा जीव थी. उसे मार्च 2022 में शो से रिटायर कर दिया गया.
डॉल्फिन कंपनी के चीफ एग्जीक्यूटिव एडुआर्डो अल्बोर ने कहा कि लोलिता के बेहतर भविष्य के लिए हमने मियामी सी-एक्वेरियम खरीदने का मन बनाया है. लोलिता को खुले समुद्र में छोड़ने की मुहिल 2013 से तेज हुई, जब एक ब्लैकफिश नाम की डॉक्यूमेंट्री सामने आई.
इस डॉक्यूमेंट्री में ओर्का किलर व्हेल्स को कैद रखने को लेकर विरोध किया गया था. नुकसान बताए गए थे. जानवरों की आजादी और अधिकारों के लिए बात करने वाली संस्थाएं लोलिता को आजाद कराने के लिए 2015 से कोर्ट में केस लड़ रहे थे. पर हार जा रहे थे.
किलर व्हेल्स बेहद सामाजिक समुद्र जीव होते हैं. समुद्र में कोई भी जीव इनका शिकार नहीं करता. इसलिए ये आराम से 80 साल तक जी जाती हैं. यह असल में समुद्री डॉल्फिन की 35 प्रजातियों में से एक है. ये करीब 20 से 26 फीट लंबी हो सकती हैं.