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साइंस न्यूज़

Morocco में फट गया सदियों से शांत पड़ा फॉल्ट, जानिए क्यों कहा जा रहा Blind Earthquake

Morocco's Blind Earthquake
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8 सितंबर 2023 की रात मोरक्को की धरती कांपी. पहाड़ी इलाकों में बसे घरे रेत के धोरों की तरह गिरते चले गए. वजह था एक ऐसा भूकंप जिसे वैज्ञानिक Blind Earthquake कह रहे हैं. यानी अंधा भूकंप. सैटेलाइट सेंटीनल-1ए ने जमीन से 692 किलोमीटर ऊंचाई से मोरक्को के भूकंप के केंद्र की स्टडी की. (फोटोः एपी)

Morocco's Blind Earthquake
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तब पता चला कि कैसे यह भूकंप आया? सेंटीनल सैटेलाइट्स कई सैटेलाइट्स का समूह है, जो हर 12 दिन में धरती के चारों तरफ अलग-अलग दिशा में चक्कर लगाते रहते हैं. इन्हें यूरोपियन स्पेस एजेंसी ने बनाया है. ये धरती पर खास तरह की किरणें फेंकते हैं. फिर उन्हें रिसीव करके डेटा एनालिसिस करते हैं. (फोटोः रॉयटर्स)

Morocco's Blind Earthquake
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इंग्लैंड के यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स के जियोफिजिसिस्ट टिम राइट कहते हैं कि इस सैटेलाइट में लगे InSAR तकनीक की वजह से भेजे गए राडार डेटा के जरिए जमीन के अंदर की थ्रीडी तस्वीर मिल जाती है. इस तस्वीर में आने वाले अंतरों की स्टडी करके वैज्ञानिक भूकंप के आने की वजह पता कर सकते हैं. वह भी मिलिमीटर एक्यूरेसी के साथ. (फोटोः एपी)

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Morocco's Blind Earthquake
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मोरक्को की स्टडी में दो खुलासे हुए हैं. वो भी गजब के हैरान करने वाले. पहला तो ये मोरक्को की जमीन का एक हिस्सा दूसरे हिस्से की तुलना में ज्यादा खिसका है. वह भी हॉरीजोंटल. जैसे किसी प्लेट के ऊपर दूसरी प्लेट का चढ़ जाना. दूसरा ये कि जमीन ऊपर की ओर आई है. यानी जमीन के अंदर से इतनी ताकत लगी कि एक हिस्सा ऊपर उठ गया है. (फोटोः रॉयटर्स)

Morocco's Blind Earthquake
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मोरक्को में करीब तीन हजार लोग मारे गए हैं. करीब 2600 जख्मी हैं. भूकंप से प्रभावित मुख्य स्थानों तक पहुंचना मुश्किल है. चारों तरफ सिर्फ इमारतों का मलबा है. लेकिन इनके पीछे की असली वजह भूकंप नहीं है. हर बार इतने तेज भूकंप से इतने ज्यादा लोगों की मौत नहीं होती. इसकी असली वजह कुछ और है. (फोटोः एपी)

Morocco's Blind Earthquake
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असल में भूकंप विज्ञानियों का मानना है कि मोरक्को में इतने अधिक लोगों की मौत भूकंप से नहीं हुई है. उन्हें कमजोर इमारतों ने मारा है. यहां पर इमारतों का निर्माण उतनी अधिक गुणवत्ता की नहीं होता. साथ ही वे पुराने तकनीकों से बनाए जा रहे हैं. इस वजह से यहां पर लोग इमारतों में दबकर मारे गए. (फोटोः रॉयटर्स)

Morocco's Blind Earthquake
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भूकंप का केंद्र एटलस पहाड़ों के अंदर था. ये पहाड़ यूरेशियन प्लेट द्वारा नुबियन प्लेट को धकेलने से बने हैं. एटलस पहाड़ मोरक्को, अल्जीरिया और ट्यूनीशिया तक फैले हैं. इन्हीं पहाड़ों के नीचे भूकंप का केंद्र था. (फोटोः एपी)

Morocco's Blind Earthquake
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अब यूरेशियन प्लेट और नुबियन प्लेट की टकराव से एटलस पहाड़ सिकुड़ रहे हैं. ये दोनों प्लेट लगातार एकदूसरे की तरफ 1 मिलिमीटर प्रति वर्ष के हिसाब से खिसक रही हैं. ये हजारों सालों से होता चला आ रहा है. जिस मिट्टी की सतह पर मोरक्को बसा है वह बेहद पतली और कमजोर है. मोरक्को में भूकंप आना कोई नई बात नहीं है. (फोटोः रॉयटर्स)

Morocco's Blind Earthquake
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पिछले एक हजार साल में मोरक्को लगातार भूकंप बर्दाश्त कर रहा है. लेकिन दो इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं. अजोरेस-जिब्राल्टर फॉल्ट के ऊपर का इलाका और अलबोरन सागर. दूसरा है रिफ पहाड़ों के पास उत्तरी मोरक्को, टेल एटलस माउंटेन रेंज और उत्तर-पश्चिम अल्जीरिया. (फोटोः एपी)

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Morocco's Blind Earthquake
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1994, 2004 और 2016 में आए 6 और 6.3 तीव्रता के भूकंपों ने मोरक्को को हिलाया था. 1960 से लेकर अब तक करीब 15 हजार लोग मारे जा चुके हैं. सबसे बुरा हादसा अगदीर भूकंप था. यह फरवरी 1960 में आया था. यह तो तय है कि भूकंप की भविष्यवाणी नहीं हो सकती. भविष्य में भी कोई संभावना नहीं दिख रही है. (फोटोः रॉयटर्स)

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मोरक्को में ज्यादातर इमारतें कच्ची मिट्टी, पतली ईंटों और चूना पत्थर से बनाई गई थीं. कई तो बेहद प्राचीन थीं. जिसकी वजह से अब तक टिकी रही लेकिन इस बार के भूकंप ने उन्हें हिला ही नहीं बल्कि पूरी तरह से गिरा डाला. इन इमारतों में फंसने और दबने की वजह से हजारों लोगों की मौत हुई है. (फोटोः एपी)

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मोरक्को में नीयर-सरफेस सॉयल कंडिशंस और इमारतों की स्टडी नहीं होती है. यानी किसी भरोसेमंद वैज्ञानिक संस्थान से सीस्मिक हजार्ड स्टडी कराई जाए. किस इलाके में भूकंप का कितना खतरा है. कहां किस तरह की इमारत बननी चाहिए. उसमें कौन सा मैटेरियल इस्तेमाल होना चाहिए. (फोटोः रॉयटर्स)

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