अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) से अंतरिक्षयात्रियों का आना-जाना लगा रहता है. अंतरिक्ष स्टेशन से धरती पर लौटने में करीब 7 से 9 घंटे लगते हैं. सोमवार यानी 8 नवंबर को नासा और स्पेसएक्स के चार अंतरिक्षयात्री ड्रैगन कैप्सूल से धरती पर लौटे. लेकिन डायपर पहनकर, क्योंकि ड्रैगन कैप्सूल का टॉयलेट टूट गया था. अंतरिक्षयात्रियों को धरती पर आने के दौरान 8 घंटे तक डायपर पहनना पड़ा था. इन चारों एस्ट्रोनॉट्स के लिए ये आठ घंटे की यात्रा अच्छी नहीं रही. इस मिशन को पूरा करने में उन्हें डायपर का भी उपयोग करना पड़ा...बताइए हमारे एस्ट्रोनॉट्स को न जाने क्या-क्या करना पड़ता है. (फोटोः NASA/SpaceX)
200 दिन अंतरिक्ष में बिताने के बाद अगर धरती पर लौटते समय एस्ट्रोनॉट्स को डायपर पहनना पड़े तो सोचिए उनपर क्या गुजरती होगी. यानी किसी जगह से निकलते वक्त आपको कहा जाए कि आप डायपर पहन लो. अगले 8 घंटे आपको इसी में सबकुछ करना है क्योंकि टॉयलेट की सुविधा आपको नहीं मिलेगी. लेकिन ये चारों एस्ट्रोनॉट्स ने डायपर पहनकर यह यात्रा पूरी की. सिर्फ यही समस्याएं नहीं आई इस बार. और भी दिक्कतें थीं...(फोटोः NASA/SpaceX)
अप्रैल में लॉन्च के थोड़ी देर बाद ही मिशन कंट्रोल ने चेतावनी दी थी कि कोई अंतरिक्ष का कचरा तेजी से कैप्सूल की तरफ आ रहा है. हालांकि, बाद में पता चला कि यह गणना गलत थी. इसके बाद जुलाई में रूसी प्रयोगशाला के थ्रस्टर्स चालू हो गए, जिन्होंने पूरे अंतरिक्ष स्टेशन को अलग-अलग दिशा में घुमाया. मजबूरी में चारों एस्ट्रोनॉट्स को स्पेसएक्स के कैप्सूल में जाकर बैठना पड़ा ताकि इमरजेंसी में धरती की ओर निकल सकें. लेकिन बाद में सब सही हो गया. (फोटोः NASA/SpaceX)
Smiles, thumbs up, and peace signs. The @SpaceX Crew-2 astronauts are happy to be home after six months in space. pic.twitter.com/W9ziABkq0k
— NASA (@NASA) November 9, 2021
ऐसा नहीं है कि सिर्फ समस्याएं ही आई हैं. कुछ अच्छे काम भी हुए हैं. स्पेस स्टेशन के सोलर पैनल को ठीक करने के लिए चार बार स्पेसवॉक किया गया है. रूसी फिल्म क्रू ने अंतरिक्ष स्टेशन पर जाकर फिल्म शूट की. इसके अलावा अंतरिक्ष स्टेशन पर पहली बार चिली पेपर्स यानी मिर्ची उगाई गई. (फोटोः NASA/SpaceX)
चारों एस्ट्रोनॉट्स - नासा के शेन किमब्रो और मेगन मैक्ऑर्थर, जापान के अकिहीको होशिदे और फ्रांस के थॉमस पिके सोमवार को फ्लोरिडा के पेंसाकोला के तट के पास मेक्सिको की खाड़ी में लैंड हुए. तत्काल उन चारों को लेने के लिए रिकवरी बोट्स पहुंची. अंतरिक्ष स्टेशन पर इस समय एक अमेरिकी और दो रूसी एस्ट्रोनॉट्स मौजूद हैं. थोड़े दिन बाद फिर चार एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस स्टेशन भेजा जाएगा, जो छह महीने वहां पर काम करेंगे. (फोटोः NASA/SpaceX)
नासा और स्पेसएक्स इन चारों एस्ट्रोनॉट्स के लौटने से पहले ही चार अन्य अंतरिक्षयात्रियों को स्पेस स्टेशन भेजने वाला था, लेकिन खराब मौसम और तबियत की वजह से इन लोगों को अभी रोका गया है. अंतरिक्ष स्पेस स्टेशन को छोड़ने से पहले चारों एस्ट्रोनॉट्स ने स्पेस स्टेशन के चारों तरफ चक्कर लगाया. स्पेस स्टेशन की तस्वीरें लीं. वीडियो बनाए. (फोटोः NASA/SpaceX)
Dragon flying around the @space_station pic.twitter.com/ay5U5EhyNr
— SpaceX (@SpaceX) November 8, 2021
स्पेसएक्स (SpaceX) का ड्रैगन कैप्सूल इस समय अंतरिक्ष स्टेशन आने-जाने के लिए सबसे नया माध्यम है. इससे पहले करीब एक दशक पहले नासा का शटल प्रोग्राम खत्म हो चुका है. रूसी कैप्सूल ने करीब तीन साल पहले स्पेस स्टेशन की यात्रा की थी. तब से लेकर अब तक सिर्फ एलन मस्क (Elon Musk) की स्पेस कंपनी स्पेसएक्स का ड्रैगन कैप्सूल ही अंतरिक्षयात्रियों को स्पेस स्टेशन लेकर जा रहा है. वापस लेकर आ रहा है. (फोटोः NASA/SpaceX)
अब जो एस्ट्रोनॉट्स अंतरिक्ष स्टेशन पर जाएंगे उन्हें भी छह महीने वहां पर बिताना होगा. दिसंबर में एक जापानी रईस व्यक्ति अपने सहयोगी के साथ रूसी स्पेस एजेंसी की मदद से स्पेस स्टेशन की यात्रा पर जा रहा है. इसके बाद फरवरी में स्पेसएक्स के कैप्सूल में बैठकर तीन बिजनेसमैन अंतरिक्ष की यात्रा पर जाएंगे. (फोटोः NASA/SpaceX)