नेपाल में दो दिनों से भयानक बारिश हो रही है. जिसकी वजह से राजधानी काठमांडू समेत कई इलाके पानी में डूबे हुए हैं. अब तक 112 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. करीब 67 लोग लापता है. स्कूल बंद कर दिए गए हैं. (फोटोः एपी)
नेपाल में कई जगहों पर बारिश की वजह से भूस्खलन हुए हैं. काठमांडू में भूस्खलन और बारिश से संबंधित घटनाओं में 37 लोग मारे गए हैं. करीब 40 लाख लोग प्रभावित हैं. हिमालय में बसे इस देश में जिंदगी ठहर सी गई है. (फोटोः एपी)
बचावकर्मी लोगों को बचाने में लगे हैं. लेकिन दुरूह भौगोलिक स्थितियों की वजह से दिक्कत आ रही है. प्रशासन ने लोगों को अपने बच्चों को बाहर निकलने से मना करने को कहा है. कई स्कूलों और यूनिवर्सिटी की इमारत भी बारिश की वजह से क्षतिग्रस्त हुई है. (फोटोः रॉयटर्स)
शिक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लक्ष्मी भट्टराय ने कहा कि हमनें लोगों से घरों में रहने की अपील की है. साथ ही बच्चों को स्कूल न भेजने को कहा है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है. (फोटोः एपी)
काठमांडू में 12.7 इंच बारिश हुई है. बागमती नदी खतरे के निशान से सात फीट ऊपर बह रही है. जिसकी वजह से निचले इलाकों बाढ़ का पानी घुस गया है. 29 सितंबर 2024 को थोड़ी राहत मिली है. लेकिन खतरा टला नहीं है. (फोटोः एपी)
मौसम विज्ञानी गोविंदा झा कहते हैं कि अब भी नेपाल के कुछ इलाकों में बारिश होने की आशंका है. क्योंकि बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर सिस्टम बना हुआ है. जिससे भारत और नेपाल के इलाकों में बारिश हो रही है. (फोटोः एपी)
इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट के वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु में अजीबो-गरीब बदलाव हो रहे हैं. ये कभी शांत होता है. कभी एकदम से बदल जाता है. ऐसे में मौसम कई तरह के बदलाव देख रहा है. (फोटोः एपी)
एनवायरमेंट रिस्क अधिकारी अरुण भक्त ने कहा कि उन्होंने ऐसी बाढ़ अपने जीवन में कभी नहीं देखी. शहरी विकास मंत्रालय और विभाग के लोग काठमांडू समेत जितने भी जिलों में नुकसान हुआ है, उसका जायजा ले रहे हैं. लोगों को बाढ़ वाले इलाकों से निकाला जा रहा है. सैकड़ों बचाए भी गए हैं. (फोटोः पीटीआई)
नेपाल के सीनियर ब्यूरोक्रेट रामचंद्र तिवारी ने कहा कि कोशी नदी का नेपाल के दक्षिण पूर्वी इलाके में जलस्तर कम होना शुरू हुआ है. लेकिन इसकी वजह से भारत के बिहार में बाढ़ की स्थिति आ चुकी है. क्योंकि ये खतरे के निशान से तीन गुना ज्यादा ऊपर बह रही है. (फोटोः पीटीआई)